Champawat Gangrape Case :- उत्तराखंड के चंपावत जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। एक 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा, जो अपने बीमार पिता का सहारा बनने के लिए पढ़ाई के साथ आइसक्रीम बेचकर घर चलाती थी, उसके साथ कथित तौर पर तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस घटना में भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व प्रधान भी शामिल है। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
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आइसक्रीम बेचकर चलाती थी घर का खर्च
पीड़िता के पिता के अनुसार उनकी बेटी पढ़ाई के साथ-साथ आइसक्रीम बेचकर घर का खर्च उठाती थी और अपने 70 वर्षीय बीमार पिता का इलाज भी कराती थी। पिता ने बताया कि बेटी के जन्म के कुछ महीनों बाद ही उसकी मां की मौत हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने अकेले ही उसे पाला-पोसा। बताया गया कि छात्रा अपनी एक सहेली की मेहंदी रस्म में शामिल होने गई थी। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटी तो पिता ने उसे फोन किया। उस दौरान छात्रा ने बताया कि वह कार्यक्रम में मौजूद है। लेकिन रात करीब डेढ़ बजे आया एक फोन परिवार की चिंता बढ़ाने वाला साबित हुआ, क्योंकि कुछ ही सेकंड बाद फोन अचानक बंद हो गया।

कमरे में बंधी हालत में मिली पीड़िता
परिवार ने अनहोनी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त अभियान चलाया। काफी तलाश के बाद छात्रा को एक बंद कमरे से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार छात्रा के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे और उसे निर्वस्त्र हालत में कमरे में बंद किया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने घर फोन करने की कोशिश की तो आरोपितों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे कमरे में बंद कर दिया गया।
भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन पर केस दर्ज
पुलिस ने पीड़िता और उसके पिता की तहरीर के आधार पर सल्ली गांव निवासी विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह और पूरन सिंह रावत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपित पूरन सिंह रावत भाजपा में मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व प्रधान रह चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(2), 127(2), 351(2) और पोक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस
चंपावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट को भेजा गया है। साथ ही आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है। यह घटना एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संवेदनशील सोच की जरूरत महसूस की जा रही है।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध पुलिस जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है।




