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बस के ब्रेक फेल होने पर 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने दे दी अपनी जान !

By A S
June 4, 2026 10:45 AM
Bus Driver Sacrifices Life To Save 34 Passengers :- बस के ब्रेक फेल होने पर 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने दे दी अपनी जान !
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Bus Driver Sacrifices Life To Save 34 Passengers :- कभी-कभी जिंदगी में कुछ ऐसे लोग मिलते हैं जो अपने कर्तव्य को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मानवता का धर्म मानते हैं। उत्तराखंड के चंपावत जिले से सामने आई एक ऐसी ही घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। एक रोडवेज बस चालक ने अपनी सूझबूझ, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उसने बस में सवार 34 यात्रियों की जान बचा ली, लेकिन इस दौरान अपनी जिंदगी गंवा बैठा।

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बुधवार सुबह उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस धारचूला से टनकपुर की ओर जा रही थी। बस में कुल 34 यात्री सवार थे और सभी अपने गंतव्य की ओर सामान्य यात्रा कर रहे थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में एक बड़ी दुर्घटना सामने खड़ी होगी। चंपावत से लगभग 18 किलोमीटर पहले मरोड़ाखान के पास ढलान वाले क्षेत्र में बस के ब्रेक अचानक जवाब दे गए। पहाड़ी रास्तों पर ब्रेक फेल होना किसी भी वाहन के लिए बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय में जरा सी चूक कई लोगों की जान ले सकती थी।

जब चालक ने यात्रियों की सुरक्षा को अपनी जिंदगी से ऊपर रखा

बस के चालक बेनीराम थ्वाल ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझ लिया। घबराने के बजाय उन्होंने शांत रहते हुए बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सामने गहरी खाई और बड़ा खतरा था, लेकिन उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने 34 परिवारों को टूटने से बचा लिया। यात्रियों की जान बचाने के उद्देश्य से उन्होंने बस को सड़क के दाहिनी ओर स्थित पहाड़ी से टकरा दिया। उनका यह निर्णय बेहद जोखिम भरा था, लेकिन इसी कदम ने बस को अनियंत्रित होकर आगे बढ़ने से रोक दिया और एक बड़े हादसे को टाल दिया।

Bus Driver Sacrifices Life To Save 34 Passengers :- बस के ब्रेक फेल होने पर 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने दे दी अपनी जान !

34 जिंदगियां बच गईं, लेकिन चालक लौटकर घर नहीं पहुंचा

दुर्भाग्य से बस को रोकने की इस कोशिश के दौरान बेनीराम थ्वाल वाहन से छिटक गए और बस के अगले पहिये की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक महिला को हल्की चोटें आईं, जबकि बाकी सभी 34 यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए। अगर चालक ने समय रहते साहसिक निर्णय नहीं लिया होता, तो यह हादसा कहीं अधिक भयावह साबित हो सकता था।

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कौन थे बेनीराम थ्वाल?

मृतक चालक की पहचान चंपावत जिले के बडोली क्षेत्र निवासी 49 वर्षीय बेनीराम थ्वाल के रूप में हुई है। वह उत्तराखंड परिवहन निगम में चालक के पद पर कार्यरत थे। अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उन्होंने अंतिम क्षण तक यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। आज उनके परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है, लेकिन पूरे उत्तराखंड के लिए वह साहस और सेवा भावना के प्रतीक बन गए हैं।

पूरे क्षेत्र में शोक, हर कोई कर रहा बहादुरी को नमन

घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग, यात्री और परिवहन विभाग के अधिकारी बेनीराम थ्वाल की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें सच्चा नायक बता रहे हैं। प्रशासन और परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं लोगों का कहना है कि बेनीराम थ्वाल का यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, साहस और मानवता का महत्व समझाने का काम करेगा।

Bus Driver Sacrifices Life To Save 34 Passengers :- बस के ब्रेक फेल होने पर 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने दे दी अपनी जान !

एक ऐसा बलिदान जो हमेशा याद रखा जाएगा

बेनीराम थ्वाल ने यह साबित कर दिया कि कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए खुद की जान की भी परवाह नहीं करते। उन्होंने 34 यात्रियों को नया जीवन दिया और खुद हमेशा के लिए अमर हो गए। उनकी बहादुरी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल है जो वर्षों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी।

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Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। घटना से संबंधित जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। यदि भविष्य में कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो तथ्यों में परिवर्तन संभव है।

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