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आढ़त बाजार में मुआवजा लेने के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ने पर चलेगा बुलडोजर !

Arhat Bazaar Dehradun Redevelopment Project :- आढ़त बाजार में मुआवजा लेने के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ने पर चलेगा बुलडोजर !

Arhat Bazaar Dehradun Redevelopment Project :- देहरादून की बहुप्रतीक्षित आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय से चल रही इस महत्वाकांक्षी योजना को समय पर पूरा करने के लिए उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिन्होंने प्रतिकर राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक अपने कब्जे नहीं छोड़े हैं। प्रशासन का कहना है कि राजधानी के विकास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी तरह की बाधा अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि परियोजना में देरी करने वाले मामलों पर अब कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और आवश्यक होने पर नियमानुसार बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं में शामिल यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून की व्यापारिक व्यवस्था और शहरी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने का एक बड़ा प्रयास है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में जून 2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश

बुधवार को एमडीडीए सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में सभी लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शेष कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी कहा कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत किया गया है ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा न आए।

रजिस्ट्री प्रक्रिया को गति देने पर जोर

बैठक में प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अधिकांश मामलों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, लेकिन कुछ प्रकरण अभी लंबित हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि शेष मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए। साथ ही रजिस्ट्री कार्य को तेज करने के लिए प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि प्रभावित परिवारों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।

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निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर रहेगा फोकस

समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

बैठक के दौरान एमडीडीए की आलयम आवासीय योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना के अंतर्गत शेष निर्माण कार्य जल्द पूरे किए जाएं और पात्र लाभार्थियों को आवासों का कब्जा देने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से अपने आवास मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

बिजली लाइनों के स्थानांतरण पर खर्च होंगे 18 करोड़ रुपये

आढ़त बाजार क्षेत्र में मौजूद विद्युत लाइनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासन स्तर से स्वीकृत लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि जल्द लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित की जाए, ताकि तकनीकी कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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एमडीडीए का दावा है कि आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून को एक नई और आधुनिक व्यापारिक पहचान मिलेगी। व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी और पूरे क्षेत्र के शहरी विकास को नई गति मिलेगी। राजधानी के विकास से जुड़ी इस परियोजना को भविष्य के देहरादून की तस्वीर बदलने वाली योजनाओं में से एक माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन अब इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ रहा है।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और प्रशासनिक बैठकों में साझा किए गए विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है। परियोजना से संबंधित किसी भी निर्णय, कार्रवाई या समयसीमा में भविष्य में बदलाव संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि संबंधित विभाग या सरकारी स्रोतों से अवश्य करें।

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