Char Dham Yatra 2026 :- उत्तराखंड की पवित्र भूमि में जब भी चार धाम यात्रा का जिक्र होता है, मन अपने आप श्रद्धा और उम्मीद से भर जाता है। बर्फ से ढके पहाड़, गूंजते मंत्र और लंबी प्रतीक्षा के बाद खुलते कपाट, यह सब मिलकर इस यात्रा को सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन का अनुभव बना देते हैं। वर्ष 2026 की Char Dham Yatra को लेकर भी वही उत्साह देखने को मिल रहा है। बसंत पंचमी के शुभ दिन इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का ऐलान कर दिया गया है।
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बसंत पंचमी पर तय हुई बद्रीनाथ धाम की तिथि
परंपरा के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन ही बैकुंठ धाम बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाती है। इस वर्ष भी यही परंपरा निभाई गई। टिहरी के नरेंद्र नगर राज दरबार में धार्मिक विधि-विधान और शास्त्रों की गणना के बाद यह शुभ निर्णय लिया गया। राजपुरोहितों ने महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली और पंचांग को देखकर तिथि तय की।

घोषणा के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पल का इंतजार देश-विदेश के लाखों भक्त साल भर करते हैं।
गंगोत्री और यमुनोत्री से होगी यात्रा की शुरुआत
चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के दिन होती है। इस परंपरा के तहत 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसी दिन से आधिकारिक रूप से चार धाम यात्रा का आगाज माना जाता है और पहाड़ों में रौनक लौट आती है।

केदारनाथ और अन्य केदारों की तिथियां
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि हमेशा महाशिवरात्रि के अवसर पर तय की जाती है। यह घोषणा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और पंचांग गणना के बाद होती है। वहीं द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि वैशाखी पर्व पर घोषित की जाएगी।

चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट 18 मई 2026 को दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। यह पल भी शिवभक्तों के लिए बेहद भावुक और विशेष होता है।
आस्था के साथ व्यवस्थाओं की तैयारी
चार धाम यात्रा सिर्फ श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन और मंदिर समितियां व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुट जाती हैं। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की देखरेख में सभी धार्मिक निर्णय लिए जाते हैं ताकि परंपरा और विश्वास दोनों सुरक्षित रहें।
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2026 की चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होकर पूरे यात्रा सत्र तक चलेगी। यह यात्रा न सिर्फ भगवान के दर्शन का अवसर देती है, बल्कि इंसान को प्रकृति, संयम और विश्वास से जुड़ने का मौका भी देती है।




