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राजकीय शोक में जश्न मानना पड़ा यूनिवर्सिटी को भरी, केस दर्ज !

DIT University For Violating State Mourning :- राजकीय शोक में जश्न मानना पड़ा यूनिवर्सिटी को भरी, केस दर्ज !

DIT University Violating State Mourning :- उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सम्मानित सैन्य अधिकारी मेजर जनरल (रि) भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है। सरकार की ओर से उनके सम्मान में तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया गया था, ताकि राज्य उनके योगदान को श्रद्धांजलि दे सके। लेकिन इसी संवेदनशील समय में देहरादून की एक निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम अब विवादों में आ गया है।

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राजकीय शोक के दौरान जहां सरकारी स्तर पर सभी मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों को रोकने के निर्देश जारी किए गए थे, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय परिसर में देर रात तक जश्न और संगीत कार्यक्रम चलता रहा। इस मामले ने प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है।

राजकीय शोक के दौरान जारी हुए थे सख्त निर्देश

पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन के बाद उत्तराखंड शासन ने 19 मई से 21 मई तक पूरे राज्य में राजकीय शोक घोषित किया था। इसके तहत सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को साफ निर्देश दिए गए थे कि किसी भी प्रकार के मनोरंजन, सांस्कृतिक या उत्सव संबंधी कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में यह स्पष्ट कहा गया था कि शोक अवधि के दौरान सभी संस्थानों को संयम और संवेदनशीलता बनाए रखनी होगी। प्रशासन चाहता था कि प्रदेश दिवंगत नेता को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करे।

प्रतिबंध के बावजूद हुआ ‘रोर 2026’ कार्यक्रम

इन स्पष्ट आदेशों के बावजूद देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय परिसर में ‘रोर 2026’ नाम से सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और देर रात तक संगीत व मनोरंजन का माहौल बना रहा। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में एक प्रसिद्ध गायिका ने भी प्रस्तुति दी, जिससे आयोजन और ज्यादा चर्चा में आ गया। जैसे ही स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, मामले को गंभीरता से लिया गया। राजकीय शोक के दौरान ऐसे आयोजन को सरकारी आदेशों की खुली अनदेखी माना जा रहा है।

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पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

राजपुर थाना प्रभारी पीड़ी भट्ट ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी आदेशों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विश्वविद्यालय के प्रबंधक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आगे की विवेचना के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर स्पष्ट आदेशों के बावजूद कार्यक्रम की अनुमति कैसे दी गई।

सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल

घटना सामने आने के बाद सोशल Media पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे राजकीय शोक और दिवंगत नेता के सम्मान के खिलाफ बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि संस्थानों को प्रशासनिक आदेशों का गंभीरता से पालन करना चाहिए। यह मामला अब केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी निर्देशों के पालन और संस्थागत जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल बन गया है।

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भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत यदि कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी आदेशों की अवहेलना करती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अब यह जांच करेगी कि कार्यक्रम जानबूझकर आयोजित किया गया था या प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी और स्थानीय पुलिस द्वारा साझा तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है, इसलिए आगे की विवेचना में तथ्यों में बदलाव संभव है।

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