Panku Body Recovered From Forest :- बाड़व गांव से आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है। एक पांच साल का मासूम, जो कुछ दिन पहले तक अपने घर के आंगन में खेलता था, अब इस दुनिया में नहीं रहा। पूरे गांव में सन्नाटा है, हर आंख नम है और हर दिल में एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे हो गया।
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9 दिनों की तलाश के बाद खत्म हुई उम्मीद
4 अप्रैल को मयंक उर्फ पंकू अचानक अपने घर के पास से लापता हो गया था। परिवार ने पहले खुद उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों, घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के बावजूद टीम लगातार तलाश में जुटी रही। ड्रोन की मदद ली गई, ग्रामीणों ने भी हर संभव सहयोग दिया। लेकिन 12 अप्रैल को जो खबर सामने आई, उसने सबको तोड़ दिया। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर ऊपरी जंगल में पंकू का शव मिला।
मां के पीछे-पीछे निकला था मासूम
बताया जा रहा है कि जिस दिन पंकू लापता हुआ, उस दिन उसके पिता खेत में काम कर रहे थे। दोपहर के समय उसकी मां खाना लेकर खेत की ओर निकलीं। उसी दौरान मासूम पंकू भी अपनी मां के पीछे-पीछे घर से निकल गया, लेकिन मां को इसका पता नहीं चला। जब वह वापस घर लौटीं, तो आंगन में खेलता हुआ पंकू कहीं नजर नहीं आया। इसके बाद शुरू हुई तलाश, जो 9 दिनों तक चली, लेकिन आखिर में सिर्फ दर्द ही हाथ लगा।
गांव में पसरा मातम और डर का माहौल
जैसे ही पंकू का शव गांव पहुंचा, पूरे माहौल में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी गूंजती थी, वहां अब सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रही हैं। गांव के लोग अब भी सदमे में हैं। हर कोई यही कह रहा है कि उन्होंने पहले कभी ऐसी घटना नहीं देखी। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। सभी चाहते हैं कि पंकू की मौत के पीछे की सच्चाई जल्द सामने आए। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर इस मासूम के साथ क्या हुआ।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की वास्तविक सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

