Site icon Uttarakhand Update

मानसून के चलते आज से थम जाएगा ऋषिकेश में राफ्टिंग का रोमांच !

Rishikesh River Rafting :- मानसून के चलते आज से थम जाएगा ऋषिकेश में राफ्टिंग का रोमांच !

Rishikesh River Rafting :- अगर आप भी इन दिनों ऋषिकेश में गंगा राफ्टिंग का प्लान बना रहे थे, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हर साल की तरह इस बार भी मानसून के आगमन के साथ गंगा में राफ्टिंग गतिविधियों पर अस्थायी विराम लग गया है। हालांकि इस सीजन ने कई नए रिकॉर्ड भी बनाए हैं। बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए पर्यटकों ने गंगा की लहरों पर रोमांच का आनंद लिया और 2022 के बाद पहली बार राफ्टिंग अपने तय समय यानी 30 जून तक जारी रही।

हल्द्वानी और चमोली से देहरादून पढ़ने आईं छात्राएं मिलीं मुस्लिम युवकों के साथ लिव-इन में, हंगामे के बाद युवक हिरासत में !

मानसून के कारण 30 जून से बंद हुई गंगा राफ्टिंग

गंगा नदी में राफ्टिंग का संचालन तय नियमों के अनुसार किया जाता है। गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की नियमावली के मुताबिक हर वर्ष मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से राफ्टिंग गतिविधियों को बंद कर दिया जाता है। इस वर्ष मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही, जिसके कारण राफ्टिंग पूरे सीजन के दौरान बिना किसी बड़ी बाधा के जारी रही। मंगलवार शाम लगभग 6:30 बजे तक अंतिम राफ्ट गंगा में उतरी, जिसके बाद अगले दो महीनों के लिए राफ्टिंग पर रोक लागू कर दी गई।

सितंबर में फिर शुरू होगा रोमांच

मानसून समाप्त होने के बाद हर साल की तरह इस बार भी राफ्टिंग सितंबर के मध्य में दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। यदि मौसम और नदी की स्थिति सामान्य रहती है तो लगभग 15 सितंबर के आसपास पर्यटक एक बार फिर गंगा की तेज धाराओं में राफ्टिंग का आनंद ले सकेंगे।

इस बार का राफ्टिंग सीजन पर्यटन के लिहाज से बेहद सफल रहा। गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के अनुसार इस सीजन में लगभग 3,80,260 पर्यटकों ने राफ्टिंग की। पिछले सीजन में यह संख्या लगभग 2,64,379 थी। यानी इस बार एक लाख से अधिक अतिरिक्त पर्यटक ऋषिकेश पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि एडवेंचर टूरिज्म के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।

2022 के बाद पहली बार तय समय तक चली राफ्टिंग

पिछले कुछ वर्षों में मानसून समय से पहले सक्रिय होने के कारण राफ्टिंग गतिविधियां जून खत्म होने से पहले ही बंद करनी पड़ती थीं। वर्ष 2025 में भी अधिक बारिश होने के कारण 24 जून को ही राफ्टिंग रोक दी गई थी। लेकिन इस बार मौसम अनुकूल रहने से राफ्टिंग पूरे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 जून तक जारी रही, जो वर्ष 2022 के बाद पहली बार देखने को मिला।

गंगा में इन रूटों पर होती है राफ्टिंग

ऋषिकेश में अलग-अलग दूरी वाले कई लोकप्रिय राफ्टिंग रूट मौजूद हैं। ब्रह्मपुरी से लगभग 6 किलोमीटर का रूट शुरुआती पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। गोल्फ कोर्स से करीब 8 किलोमीटर, शिवपुरी से 18 किलोमीटर और मरीन ड्राइव से लगभग 24 किलोमीटर लंबी राफ्टिंग कराई जाती है। हर रूट का रोमांच और अनुभव अलग होता है।

क्या जहरीली हवा और दूषित पानी दून को कैंसर की ओर धकेल रहे हैं? जानिए क्यों बढ़ रही है चिंता !

देवप्रयाग से मुनिकीरेती तक गंगा नदी में कुल 576 राफ्टों के संचालन की अनुमति दी गई है। वर्तमान समय में 263 कंपनियों की 560 राफ्टें संचालित हो रही हैं। कुछ कंपनियों के सुरक्षा संबंधी मामलों के कारण फिलहाल सभी स्वीकृत राफ्ट संचालन में नहीं हैं।

किस महीने सबसे ज्यादा पहुंचे पर्यटक

इस सीजन में अप्रैल और मई सबसे व्यस्त महीने रहे। अप्रैल 2026 में 88,117 और मई 2026 में 86,596 पर्यटकों ने राफ्टिंग का आनंद लिया। जून में 28 जून तक 65,238 पर्यटक राफ्टिंग कर चुके थे, जबकि मार्च में 45,483 और फरवरी में 21,369 पर्यटक पहुंचे। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर और जनवरी में भी हजारों पर्यटकों ने गंगा की लहरों पर रोमांच का अनुभव लिया।

ऋषिकेश एडवेंचर टूरिज्म के लिए क्यों है खास

ऋषिकेश केवल धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि देश की सबसे लोकप्रिय एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन में भी शामिल है। यहां हर साल लाखों लोग रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, कैंपिंग और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों का आनंद लेने आते हैं। गंगा की प्राकृतिक सुंदरता और सुरक्षित राफ्टिंग व्यवस्था इसे देश-विदेश के पर्यटकों के बीच बेहद खास बनाती है।

दिल्ली से देहरादून ढाई घंटे पर देहरादून से मसूरी पहुंचने में लग रहे 3-4 घंटे!

मानसून के चलते भले ही अगले दो महीनों तक गंगा में राफ्टिंग का रोमांच थम गया हो, लेकिन इस सीजन ने पर्यटन के नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। 3.80 लाख से अधिक पर्यटकों की भागीदारी यह साबित करती है कि ऋषिकेश भारत के सबसे पसंदीदा एडवेंचर टूरिज्म स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। अब पर्यटकों को सितंबर में राफ्टिंग दोबारा शुरू होने का इंतजार रहेगा।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। राफ्टिंग की दोबारा शुरुआत की तिथि, मौसम की स्थिति और प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदल सकती है। यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित अधिकारियों या आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

Exit mobile version