---Advertisement---

रुद्रप्रयाग के इस गांव ने लिया ऐसा फैसला जो पुरे प्रदेश में बन सकता है मिसाल !

By A S
January 14, 2026 11:27 AM
Syur Village Rudraprayag :- रुद्रप्रयाग के इस गांव ने लिया ऐसा फैसला जो पुरे प्रदेश में बन सकता है मिसाल !
---Advertisement---

Syur Village Rudraprayag :- ग्रामीण जीवन की असली ताकत तब सामने आती है, जब लोग मिलकर अपने भविष्य के लिए ठोस फैसला लेते हैं। रुद्रप्रयाग जिले की स्यूर ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है यहां की महिलाओं ने समाज की एक गंभीर समस्या के खिलाफ आवाज उठाते हुए ऐसा कदम उठाया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन सकता है।

फूलों की घाटी के पास बेकाबू हुई जंगल की आग, अब सेना से उम्मीद !

स्यूर ग्राम पंचायत में अब शादी-विवाह ही नहीं, बल्कि किसी भी सामाजिक समारोह में शराब परोसना आसान नहीं होगा। गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर साफ शब्दों में ऐलान किया है कि अब ऐसे आयोजनों में शराब की कोई जगह नहीं होगी। यह फैसला केवल नियम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सख्ती से लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। अगर गांव में किसी भी कार्यक्रम के दौरान शराब परोसी जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या परिवार पर जुर्माना लगाया जाएगा।

ग्राम प्रधान महेश्वरी देवी का कहना है कि शराब का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता जो इसका सेवन करता है, बल्कि पूरा परिवार इसकी कीमत चुकाता है। छोटे-छोटे बच्चे इस माहौल में पलते हैं, उनका भविष्य प्रभावित होता है और युवा पढ़ाई-लिखाई छोड़कर नशे की गिरफ्त में चले जाते हैं। यही वजह है कि महिलाओं ने अब चुप रहने के बजाय बदलाव की जिम्मेदारी खुद उठाई है।

बोर्ड परीक्षा की उलटी गिनती शुरू, 21 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षा, देखिये पूरा टाइम टेबल !

उन्होंने यह भी बताया कि आजकल एक समारोह में शराब पर ही करीब डेढ़ लाख रुपये तक खर्च कर दिए जाते हैं। यह वही पैसा है, जिसे अगर परिवार अपनी बेटी या बहू के लिए आभूषण बनवाने या बच्चों की पढ़ाई में लगाए, तो वह कहीं ज्यादा सम्मानजनक और उपयोगी साबित हो सकता है। महिलाओं का मानना है कि खुशियां शराब से नहीं, बल्कि समझदारी और अच्छे संस्कारों से आती हैं।

Syur Village Rudraprayag :- रुद्रप्रयाग के इस गांव ने लिया ऐसा फैसला जो पुरे प्रदेश में बन सकता है मिसाल !

स्यूर ग्राम पंचायत का यह फैसला सिर्फ एक प्रतिबंध नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की नई शुरुआत है। यह दिखाता है कि जब महिलाएं आगे आती हैं, तो समाज की दिशा बदली जा सकती है। गांव की यह पहल अब आसपास के क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और उम्मीद है कि दूसरे गांव भी इससे सीख लेंगे।

उत्तराखंड BJP में मचेगा बड़ा उलटफेर, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चलेगा चुनावी सफाई अभियान !

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment