Teacher Death Dowry Case Filed :- देहरादून के डोईवाला क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। एक सरकारी शिक्षिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगी।
आय से अधिक संपत्ति मामले में गणेश जोशी को विजिलेंस कोर्ट ने भेजा नोटिस !
सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत से उठे कई सवाल
पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित श्रीकोट निवासी स्वर्गीय सुमेर सिंह कंडारी की बेटी सृष्टि कंडारी एक सरकारी विद्यालय में शिक्षिका थीं। उनकी शादी नवंबर 2025 में देहरादून के लक्ष्मण एन्क्लेव (दिल्ली फार्म, हर्रावाला) निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। सौरभ उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। शादी के कुछ ही महीनों बाद सृष्टि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आने से परिवार और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं।
मृतका की मां सीमा कंडारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू अक्सर सृष्टि का अपमान करते थे और उसे मानसिक दबाव में रखते थे।
परिजनों के अनुसार, शादी के करीब तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया। इसके बाद परिवार ने कथित रूप से किसी पंडित की बातों पर विश्वास करते हुए सृष्टि को “मनहूस” कहना शुरू कर दिया। आरोप है कि बाद में ससुर के निधन का जिम्मेदार भी सृष्टि को ठहराया गया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति लगातार प्रभावित होती गई।
देहरादून की महिलाओं ने बदली अपनी तकदीर, पहाड़ी भोजन से हर दिन छाप रही हैं हजारों रुपये !
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका की मां का आरोप है कि उनकी बेटी को बार-बार यह कहकर प्रताड़ित किया जाता था कि उसके घर आने के बाद परिवार में लगातार अनिष्ट हो रहा है। परिवार का कहना है कि इस तरह की बातें सृष्टि को अंदर से तोड़ रही थीं। इसी बीच एक भावुक संदेश भी चर्चा में आया है, जिसमें लिखा गया है कि वह पिछले छह महीनों से लगातार सब कुछ सह रही थी और अब उससे यह सब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। संदेश में उसे “मनहूस” कहकर अपमानित किए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस संदेश की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।
सीमा कंडारी के अनुसार, जब काफी देर तक बेटी से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया तो उन्होंने एक परिचित को ससुराल भेजा। वहां से जानकारी मिली कि सृष्टि की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल ले जाया गया है। यह सूचना मिलते ही परिवार श्रीनगर से देहरादून पहुंचा, जहां उन्हें पता चला कि 29 जुलाई को ही सृष्टि की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें समय रहते घटना की जानकारी नहीं दी और पूछने पर व्यस्त होने की बात कही।
पुलिस ने दर्ज किया दहेज हत्या का मुकदमा
मृतका की मां की लिखित शिकायत के आधार पर हर्रावाला पुलिस चौकी (थाना डोईवाला) में पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की संवेदनशीलता और मुख्य आरोपी के उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत होने के कारण जांच पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) वंदना वर्मा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर परिजन दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच पूरी होने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसकी क्या भूमिका रही।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध पुलिस शिकायत और सामने आई आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे। किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक दोषी नहीं माना जा सकता।

