Uttarakhand Divyang Pension Scheme :- ज़िंदगी हर किसी के लिए आसान नहीं होती, लेकिन जब किसी इंसान को दिव्यांगता के साथ गरीबी का भी सामना करना पड़े, तो रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना भी एक संघर्ष बन जाता है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो चाहकर भी मेहनत-मज़दूरी नहीं कर पाते और दूसरों पर निर्भर रहना उनकी मजबूरी बन जाती है। उत्तराखंड सरकार ने इसी दर्द को समझते हुए Uttarakhand Divyang Pension Scheme शुरू की है, ताकि दिव्यांगजनों को सम्मान के साथ जीने का सहारा मिल सके।
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Uttarakhand Divyang Pension Scheme
उत्तराखंड दिव्यांग पेंशन योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण समाज कल्याण योजना है, जिसे दिव्यांग भरण पोषण अनुदान के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना के तहत राज्य के दिव्यांग और कुष्ठ रोग से पीड़ित पात्र नागरिकों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस पेंशन का उद्देश्य केवल पैसा देना नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे अपने छोटे-बड़े खर्चों के लिए किसी पर बोझ महसूस न करें। योजना का लाभ उन नागरिकों को मिलता है जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है और यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

Uttarakhand Divyang Pension Scheme Importance
इस योजना का मूल उद्देश्य दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाना है, ताकि वे अपनी बुनियादी ज़रूरतें जैसे भोजन, दवा और रोज़मर्रा के खर्च खुद संभाल सकें। जब किसी व्यक्ति को नियमित पेंशन मिलती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उसकी स्थिति भी बेहतर होती है। यह योजना दिव्यांग व्यक्तियों के मानसिक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी काम करती है, जिससे वे खुद को अकेला या असहाय महसूस न करें।
Uttarakhand Divyang Pension Scheme Eligibility
इस योजना का लाभ वही व्यक्ति ले सकता है जो उत्तराखंड का स्थायी निवासी हो और जिसकी दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत हो, जिसे किसी सरकारी अस्पताल या चिकित्सा बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया हो। योजना का लाभ उन लोगों को दिया जाता है जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं या जिनकी मासिक आय चार हजार रुपये से अधिक नहीं है।
अगर आवेदक के परिवार में बेटा या पोता बीस वर्ष से अधिक उम्र का है, लेकिन परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है, तब भी पेंशन का लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही यह ज़रूरी है कि आवेदक किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो और उसका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक हो।
हर महीने मिलने वाली यह पेंशन भले ही छोटी लगे, लेकिन किसी दिव्यांग व्यक्ति के लिए यह बड़ी राहत बन जाती है। इससे वह अपनी दवाइयों का खर्च उठा सकता है, रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी कर सकता है और आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना से दिव्यांगजनों को यह एहसास होता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
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उत्तराखंड दिव्यांग पेंशन योजना उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनके लिए जीवन हर दिन एक चुनौती बन जाता है। अगर आप किसी ऐसे दिव्यांगजन को जानते हैं जिसे आर्थिक सहायता की ज़रूरत है, तो उन्हें इस योजना की जानकारी ज़रूर दें। हो सकता है आपकी एक जानकारी किसी की ज़िंदगी को थोड़ा आसान बना दे।
Disclaimer :- यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से जुड़ी शर्तें, पात्रता या राशि समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा बदली जा सकती हैं। आवेदन करने से पहले उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से नवीनतम जानकारी ज़रूर प्राप्त करें।





