Uttarakhand School Timing Change 2026 :- उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और लगातार हो रहे विरोध के बीच आखिरकार सरकार ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से शिक्षक संगठनों और अभिभावकों की ओर से लगातार मांग उठ रही थी कि भीषण गर्मी में बच्चों को देर तक स्कूल में रखना सही नहीं है। अब सरकार ने इस मुद्दे पर फैसला लेते हुए सभी स्कूलों की छुट्टी का समय दोपहर 1 बजे तय कर दिया है। इस फैसले से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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Uttarakhand School Timing Change 2026
उत्तराखंड सरकार ने इससे पहले जो नई ग्रीष्मकालीन समयसारिणी जारी की थी, उसमें स्कूलों की छुट्टी दोपहर 2:05 बजे निर्धारित की गई थी। इस समय को लेकर शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताया था। उनका कहना था कि गर्मी के मौसम में बच्चों को इतनी देर तक स्कूल में रोकना उनके स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। लगातार बढ़ते विरोध और मांगों के बाद शिक्षा मंत्री के हस्तक्षेप से समय में संशोधन किया गया। अब नई व्यवस्था के अनुसार सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में छुट्टी दोपहर 1 बजे कर दी गई है। यह बदलाव पूरे राज्य में लागू होगा।
सुबह जल्दी शुरू होंगे स्कूल
शिक्षा सचिव रविनाथ रमन द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार स्कूल सुबह 7:15 बजे प्रार्थना सभा के साथ शुरू होंगे। इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि सुबह का समय पढ़ाई के लिए ज्यादा अनुकूल रहता है और इससे बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी से भी बचाया जा सकेगा। नई समयसारिणी के अनुसार प्रार्थना सभा के लिए 15 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद पहले चार पीरियड 40-40 मिनट के होंगे। वहीं हाफटाइम के बाद होने वाले चार पीरियड 35-35 मिनट के रखे गए हैं ताकि पढ़ाई भी प्रभावित न हो और समय का संतुलन भी बना रहे।
शीतकालीन समय में नहीं हुआ कोई बदलाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल ग्रीष्मकालीन समय में बदलाव किया गया है। शीतकालीन समय पहले की तरह ही लागू रहेगा। सर्दियों में स्कूल सुबह 8:45 बजे शुरू होंगे और छुट्टी दोपहर 3:10 बजे होगी।
कब तक लागू रहेगा नया समय
नई ग्रीष्मकालीन समयसारिणी हर साल 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक लागू रहेगी। वहीं शीतकालीन समय 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक प्रभावी रहेगा। सरकार का कहना है कि मौसम के अनुसार समय में बदलाव करना छात्रों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों के लिए जरूरी है।
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बढ़ती गर्मी बनी बड़ा कारण
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह लगातार बढ़ रही गर्मी को माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में तापमान तेजी से बढ़ा है, जिससे दोपहर के समय बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का मानना है कि सुबह जल्दी स्कूल लगाने और दोपहर 1 बजे छुट्टी करने से बच्चों को राहत मिलेगी और उनका स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बदलते मौसम के हिसाब से स्कूलों का समय तय करना जरूरी हो गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और सेहत का भी ध्यान रखा जा सकेगा।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध जानकारी और सरकारी आदेशों के आधार पर तैयार किया गया है। समयसारिणी से जुड़ी किसी भी नई अपडेट या बदलाव के लिए संबंधित शिक्षा विभाग या आधिकारिक सूचना को जरूर जांचें।

