UTU Paper Leak :- देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर पहले से ही चिंता का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में उत्तराखंड से भी एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सम सेमेस्टर परीक्षा में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। जांच पूरी होने के बाद संबंधित शिक्षक पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है।
उत्तराखंड में लेखाकार एवं सहायक लेखाकार के पदों पर निकली बंपर भर्ती, ऐसे करें आवेदन !
यह मामला सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं से जुड़ा है। विश्वविद्यालय को Machine Learning for Internet of Things विषय के प्रश्नपत्र को लेकर शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया। वहीं, संबंधित संस्थान शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने भी अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि इस विषय के बाह्य प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा आयोजित होने से पहले ही प्रश्न छात्रों तक पहुंचा दिए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रश्न आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किए गए थे, जिसे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन माना गया।
दो विषयों के प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि
जांच के दौरान केवल एक ही विषय नहीं, बल्कि एक और विषय Electromagnetic Field Theory का प्रश्नपत्र भी लीक होने की जानकारी सामने आई। यह प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया था। दोनों मामलों की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विषयों की पहले आयोजित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का फैसला लिया, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।
अगस्त के तीसरे सप्ताह में फिर होगी परीक्षा
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल के अनुसार, जिन दो विषयों की परीक्षाएं रद्द की गई हैं, उनकी दोबारा परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी जल्द ही अलग से जारी की जाएगी। प्रभावित छात्रों को संबंधित कॉलेजों के माध्यम से इसकी सूचना भी दी जा रही है।
शिक्षक पर 7 साल तक लगा प्रतिबंध
जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चेतावनी जारी की गई है।
देहरादून में नर्सिंग बेरोजगारों का हल्लाबोल, बारिश के बीच पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री के आवास !
परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के बीच यूटीयू का यह मामला भी परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर कई सवाल खड़े करता है। हालांकि विश्वविद्यालय ने शिकायत मिलने के बाद जांच कर त्वरित कार्रवाई की और दोषी पाए जाने पर कड़े कदम उठाए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालय किस तरह की नई व्यवस्था लागू करता है।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। यदि विश्वविद्यालय की ओर से भविष्य में इस मामले में कोई नया अपडेट या संशोधित जानकारी जारी की जाती है, तो तथ्यों में बदलाव संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर भी ध्यान दें।

