Valley Of Flowers Opens For Tourists :- उत्तराखंड की वादियों में बसी विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार हो गई है। आज, 1 जून से देश-दुनिया के पर्यटक इस खूबसूरत घाटी का दीदार कर सकेंगे। हर साल की तरह इस बार भी घाटी अपने अनोखे रंगों, दुर्लभ फूलों और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तैयार है।
समुद्र तल से लगभग 12,995 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह घाटी प्रकृति की ऐसी अनमोल धरोहर है, जहां पहुंचते ही हर व्यक्ति खुद को एक अलग ही दुनिया में महसूस करता है। चारों ओर फैले रंग-बिरंगे फूल, बर्फ से ढके पहाड़ और बहती पुष्पावती नदी इस स्थान को स्वर्ग जैसा एहसास कराते हैं।
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फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार सोमवार सुबह आठ बजे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। घाटी के बेस कैंप घांघरिया में रविवार शाम तक 20 से अधिक पर्यटक पहुंच चुके थे। फिलहाल यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। घाटी हर वर्ष 1 जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। इस दौरान लाखों प्रकृति प्रेमी यहां पहुंचकर हिमालय की गोद में बसे इस अद्भुत प्राकृतिक चमत्कार का अनुभव करते हैं।
शुरुआती दिनों में इन खूबसूरत फूलों का होगा दीदार
जून के शुरुआती दिनों में घाटी में 20 से अधिक प्रजातियों के आकर्षक फूल खिल चुके हैं। इनमें प्रिमुला डेंटिकुलाटा, पोटेंटिला एट्रो सेंगुइनिया, रोडोडेंड्रोन कैम्पैन्युलेटम, रोडोडेंड्रोन लेपिडोटम, वन आजवाइन, कोबरा लिली, स्नेक लिली, आइरिस कुमाऊंनेनसिस, वायोला बाइफ्लोरा, मार्श मैरीगोल्ड और लिलियम आक्सीपेटलम जैसे कई दुर्लभ फूल शामिल हैं। फूलों की घाटी की सबसे खास बात यह है कि यहां हर 15 दिन में अलग-अलग प्रजातियों के फूल खिलते हैं। इसी कारण घाटी का रंग और स्वरूप लगातार बदलता रहता है। यही वजह है कि हर बार यहां आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलता है।
जैव विविधता का अनमोल खजाना है फूलों की घाटी
करीब 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह घाटी केवल फूलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए भी जानी जाती है। यहां 500 से अधिक प्रजातियों के फूल पाए जाते हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र कई दुर्लभ वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी है। भाग्यशाली पर्यटकों को यहां हिमालयन थार, कस्तूरी मृग, हिम तेंदुआ और अन्य वन्य जीवों के दर्शन भी हो सकते हैं। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी सपने से कम नहीं है।
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फूलों की घाटी कैसे पहुंचे?
फूलों की घाटी तक पहुंचने के लिए सबसे पहले बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पुलना गांव पहुंचना होता है। यहां से लगभग 10 किलोमीटर का पैदल सफर तय करके घांघरिया पहुंचा जाता है। घांघरिया से फूलों की घाटी करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है। घाटी के भीतर पर्यटकों को लगभग 5 किलोमीटर तक जाने की अनुमति होती है। चूंकि घाटी में रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं है, इसलिए सभी पर्यटकों को शाम पांच बजे तक वापस घांघरिया लौटना अनिवार्य होता है। यात्रा के दौरान भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान अपने साथ ले जाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि घाटी के अंदर सुविधाएं सीमित हैं।
फूलों की घाटी के बीचों-बीच बहने वाली पुष्पावती नदी इस स्थान की सुंदरता में चार चांद लगा देती है। नदी का साफ और निर्मल पानी, आसपास फैले फूलों के मैदान और हिमालयी चोटियों का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यही वजह है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति इस प्राकृतिक सौंदर्य को लंबे समय तक याद रखता है।
फूलों की घाटी का इतिहास
फूलों की घाटी को वर्ष 1982 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2005 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। इस घाटी की खोज वर्ष 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति वैज्ञानिक फ्रैंक स्माइथ ने की थी। बताया जाता है कि कामेट पर्वत अभियान से लौटते समय वे रास्ता भटककर इस घाटी में पहुंच गए थे। यहां के अद्भुत फूलों और प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होकर उन्होंने बाद में “Valley of Flowers” नामक पुस्तक लिखी, जिसके बाद यह घाटी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गई।
फूलों की घाटी यात्रा शुल्क
फूलों की घाटी घूमने के लिए भारतीय पर्यटकों को 200 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा। भारतीय छात्रों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 800 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। यदि आप प्रकृति की खूबसूरती को करीब से महसूस करना चाहते हैं और हिमालय की गोद में कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं, तो फूलों की घाटी आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है। यहां के रंग-बिरंगे फूल, शांत वातावरण और अद्भुत प्राकृतिक दृश्य जीवनभर याद रहने वाला अनुभव प्रदान करते हैं।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और स्थानीय प्रशासन द्वारा साझा किए गए विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है। यात्रा पर जाने से पहले प्रवेश शुल्क, पंजीकरण प्रक्रिया, मौसम और यात्रा संबंधी नवीनतम अपडेट संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोतों से अवश्य जांच लें। मौसम और प्रशासनिक परिस्थितियों के अनुसार नियमों में बदलाव संभव है।

