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Wrong Kidney Surgery Case :- दाएं की जगह बाएं गुर्दे का ऑपरेशन के बाद युवक की मौत, 5 डॉक्टरों सहित हॉस्पिटल संचालक पर मुकदमा !

Wrong Kidney Surgery Case :- दाएं की जगह बाएं गुर्दे का ऑपरेशन के बाद युवक की मौत, 5 डॉक्टरों सहित हॉस्पिटल संचालक पर मुकदमा !

Wrong Kidney Surgery Case :- देहरादून से सामने आया एक मामला लोगों को झकझोर देने वाला है। सड़क हादसे में घायल हुए एक 15 वर्षीय किशोर की इलाज के दौरान मौत के बाद अब कथित चिकित्सीय लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतक के पिता का आरोप है कि उनके बेटे के दाएं गुर्दे में चोट थी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान बाएं गुर्दे पर शल्यक्रिया कर दी गई। अदालत के आदेश के बाद नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने पांच डॉक्टरों और एक अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।

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देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में दर्ज इस मामले ने चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी मैनपाल ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि उनके 15 वर्षीय बेटे की मौत अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण हुई। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने पांच डॉक्टरों और एक निजी अस्पताल के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अदालती प्रार्थनापत्र के अनुसार, 3 जुलाई 2022 को सहारनपुर निवासी मैनपाल का 15 वर्षीय बेटा सड़क हादसे का शिकार हो गया था। दुर्घटना में उसके दाएं हाथ और दाएं गुर्दे में गंभीर चोटें आई थीं। हादसे के बाद उसे देहरादून के रिस्पना पुल क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बावजूद कई घंटों तक ऑपरेशन नहीं किया गया। जब उन्होंने देरी का कारण पूछा तो कथित रूप से बताया गया कि ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर बाहर से बुलाए जा रहे हैं।

दाएं गुर्दे की जगह बाएं गुर्दे का ऑपरेशन करने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, 4 जुलाई 2022 की रात किशोर के दाएं हाथ का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद 5 जुलाई को दाएं गुर्दे की चोट का इलाज करने के बजाय कथित रूप से बाएं गुर्दे पर ऑपरेशन कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि इस ऑपरेशन के बाद किशोर की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से डिस्चार्ज करने की मांग भी की, लेकिन आरोप है कि अस्पताल ने तत्काल छुट्टी देने से इनकार कर दिया।

परिजनों के अनुसार, जब किशोर की हालत ज्यादा गंभीर हो गई तो 8 जुलाई 2022 को उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता का आरोप है कि यदि समय पर सही इलाज किया जाता और कथित तौर पर गलत ऑपरेशन नहीं किया जाता, तो शायद उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी।

चार साल बाद अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पंचम अपर सिविल जज भारती मंगलानी ने मामले की सुनवाई के बाद नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी को संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने पांच डॉक्टरों और अस्पताल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि अदालत के आदेश के अनुसार संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Disclaimer :- यह समाचार अदालत में दायर शिकायत, पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के हैं। संबंधित डॉक्टरों या अस्पताल की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है और अंतिम सत्य जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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