Haridwar Police Arrested Bangladeshi Woman :- उत्तराखंड के हरिद्वार से सामने आई यह खबर सिर्फ एक गिरफ्तारी की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे एक छोटी सी ऑनलाइन पहचान धीरे-धीरे एक बड़े फर्जीवाड़े में बदल सकती है। ज्वालापुर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है और आम लोगों के लिए भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Operation Prahar :- Police Arrested Bangladeshi Woman
पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई, जहां बांग्लादेश की रहने वाली सहेला बेगम की पहचान श्यामदास से हुई। बातचीत बढ़ी, रिश्ता गहरा हुआ और दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। यह कहानी सुनने में एक सामान्य प्रेम कहानी जैसी लगती है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा सच छिपा था। साल 2023 में सहेला बेगम भारत आई। वीजा खत्म होने के बाद भी वह वापस नहीं गई और दिल्ली होते हुए हरिद्वार में रहने लगी। इस दौरान उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए नया नाम अपनाया और पूरी तरह भारतीय नागरिक बनने की कोशिश शुरू कर दी।
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हरिद्वार में फर्जी दस्तावेजों का जाल
हरिद्वार पहुंचने के बाद सहेला बेगम ने अपने साथी श्यामदास की मदद से कई फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, यहां तक कि भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट भी शामिल थे। यह सब इतनी सफाई से किया गया कि लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आखिरकार इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
🔥 “ऑपरेशन प्रहार” में बांग्लादेशी महिला हुई बेनकाब 🔍
👮♂️ SSP नवनीत सिंह का अनुभवी नेतृत्व, हरिद्वार पुलिस की बड़ी कामयाबी
📄 फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाकर रह रही बांग्लादेशी महिला आई पुलिस हिरासत में
🚔 ज्वालापुर पुलिस और LIU की संयुक्त कार्यवाही में खुली षड्यंत्र की परतें pic.twitter.com/cHwiXGIHHh
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) April 9, 2026
सत्यापन अभियान में हुआ खुलासा
रोशनाबाद स्थित मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की टीम संयुक्त रूप से सत्यापन अभियान चला रही थी। इसी दौरान वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद कॉलेज के पास एक संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। पूछताछ में महिला ने अपनी असली पहचान स्वीकार कर ली। जांच में सामने आया कि वह बांग्लादेश के कुमीला की रहने वाली सहेला बेगम है और लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रही थी।
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प्रेम, फर्जीवाड़ा और गिरफ्तारी
जांच में यह भी सामने आया कि सहेला बेगम पहले भी फर्जी पासपोर्ट के सहारे यात्रा कर चुकी थी। वह कई बार भारत आई और वापस गई, लेकिन इस बार उसने यहीं बसने का फैसला कर लिया। श्यामदास, जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का रहने वाला है, ने न सिर्फ उससे शादी की बल्कि फर्जी दस्तावेज बनवाने में भी पूरी मदद की। दोनों करीब एक साल पहले हरिद्वार शिफ्ट हुए थे और यहीं अपना जीवन बसा रहे थे। लेकिन कानून से ज्यादा देर तक बच पाना आसान नहीं होता। सत्यापन अभियान के दौरान दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला के पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट, नेशनल आईडी और कई फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जी दस्तावेज नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध समाचार जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है, इसलिए आगे की जानकारी के साथ तथ्यों में बदलाव संभव है।




