Dehradun Girl Kidnapping Case :- एक मां को हमेशा अपने बच्चे की सबसे बड़ी ताकत और सबसे सुरक्षित ढाल माना जाता है। हर बच्चा यह भरोसा लेकर बड़ा होता है कि दुनिया चाहे जैसी भी हो, मां हमेशा उसके साथ खड़ी रहेगी। लेकिन जब वही मां पैसों के लालच में अपनी ही संतान का सौदा कर दे, तो यह घटना केवल एक अपराध नहीं रह जाती, बल्कि इंसानियत और रिश्तों पर भी गहरा सवाल खड़ा कर देती है।
देहरादून से सामने आया यह मामला हर किसी को झकझोर देने वाला है, जहां एक मां ने अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को पैसों के लिए बेच दिया और बाद में खुद को बचाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी। हालांकि, दून पुलिस की सतर्क जांच ने इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
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देहरादून के थाना राजपुर क्षेत्र का यह मामला बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी मां नीलम देवी की मुलाकात कुछ समय पहले एक समारोह के दौरान पिंकी मलिक नाम की महिला से हुई थी। बातचीत के दौरान पिंकी ने नीलम से कहा कि उसे एक लड़की की आवश्यकता है और इसके बदले वह अच्छी रकम देने को तैयार है।
बताया गया कि आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए नीलम देवी ने अपनी ही 15 वर्षीय बेटी का सौदा करने के लिए हामी भर दी। दोनों के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ। यह फैसला केवल कानून का उल्लंघन नहीं था, बल्कि एक मां के रिश्ते और ममता पर भी गहरा धब्बा साबित हुआ।
कैसे हुई नाबालिग की खरीद-फरोख्त?
पुलिस जांच में सामने आया कि पिंकी मलिक ने नाबालिग लड़की को आगे मुजफ्फरनगर निवासी लवी कुमार को सौंप दिया। इसके बाद लवी कुमार ने शादी कराने के उद्देश्य से दो लाख रुपये लेकर लड़की को मनीष नाम के व्यक्ति के हवाले कर दिया। सौदे के दौरान आरोपी मां को केवल 80 हजार रुपये नकद दिए गए थे, जबकि बाकी रकम बाद में देने का वादा किया गया था। जब तय समय तक शेष पैसे नहीं मिले, तब आरोपी मां को अपनी रकम डूबने का डर सताने लगा।
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बाकी रकम नहीं मिली तो रच दी अपहरण की झूठी साजिश
पैसे न मिलने और अपनी करतूत उजागर होने के डर से नीलम देवी ने 5 जुलाई 2026 को थाना राजपुर पहुंचकर अपनी बेटी के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और नाबालिग की तलाश शुरू कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम बनाई गई। पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैन्युअल जांच के जरिए पूरे मामले की गहराई से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनसे पता चला कि लड़की उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मौजूद है।

दून पुलिस की कार्रवाई से खुला पूरा राज
पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर में दबिश देकर मनीष और लवी कुमार को गिरफ्तार किया तथा नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में लवी कुमार ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि उसने यह लड़की पिंकी मलिक के माध्यम से उसकी मां नीलम देवी से खरीदी थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिचौलिया महिला पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर से और मुख्य आरोपी नीलम देवी को देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे मामले के सभी कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।
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समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर चेतावनी भी है। आर्थिक परेशानियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, किसी भी माता-पिता को अपनी संतान के अधिकारों और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी भी है। ऐसे मामलों में समय रहते जागरूकता, पड़ोसियों की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता कई मासूम जिंदगियों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Disclaimer :- यह लेख पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन हो सकता है और जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ सकते हैं। सभी आरोपितों के विरुद्ध अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।




