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सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली ने ली एक और मां-बच्चे की जान !

By A S
August 22, 2026 9:23 AM
Mother And Newborn Death After Delivery :- सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली ने ली एक और मां-बच्चे की जान !
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Mother And Newborn Death After Delivery :- उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड के सीमांत क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। गंगाड़ निवासी शंकर दास उर्फ बब्लू दास की पत्नी अमिना की प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में ओसला से गंगाड़ लेकर निकले, लेकिन दुर्गम रास्ते में उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के साथ ही परिवार पर एक और दुख टूट पड़ा, क्योंकि नवजात शिशु की भी ओसला में मौत हो गई।

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प्रसव के बाद अचानक बिगड़ी अमिना की तबीयत

जानकारी के मुताबिक अमिना कुछ दिनों से अपने मायके ओसला में रह रही थीं। इसी दौरान उनका प्रसव हुआ। प्रसव के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब होने लगी और देखते ही देखते उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए गंगाड़ ले जाने का फैसला किया। उम्मीद थी कि समय रहते उन्हें चिकित्सा सुविधा मिल जाएगी और उनकी जान बचाई जा सकेगी। लेकिन ओसला से गंगाड़ तक का दुर्गम रास्ता इस मुश्किल घड़ी में बड़ी बाधा बन गया। इलाज के लिए ले जाते समय उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

Mother And Newborn Death After Delivery :- सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली ने ली एक और मां-बच्चे की जान !

हेली सेवा की कोशिश भी समय पर नहीं हो सकी

अमिना की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों की ओर से पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल से संपर्क किया गया। विधायक की ओर से हेली सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए, ताकि महिला को जल्द से जल्द बेहतर उपचार मिल सके। हालांकि, हेली सेवा की व्यवस्था हो पाती, उससे पहले ही अमिना की सांसें थम गईं। परिवार के लिए यह पल बेहद पीड़ादायक रहा, क्योंकि इलाज की उम्मीद के बीच उन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया।

अमिना की मौत के साथ ही परिवार की खुशियां पूरी तरह मातम में बदल गईं। नवजात शिशु की भी ओसला में मौत हो गई। एक ओर प्रसव के बाद मां की जान चली गई तो दूसरी ओर नवजात भी दुनिया में आने के कुछ समय बाद ही इस दुनिया से विदा हो गया। मां और नवजात की एक साथ मौत की खबर से गंगाड़, ओसला और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई परिजनों और ग्रामीणों के लिए इस दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

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दुर्गम रास्ते ने फिर खड़े किए स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल

इस घटना ने सीमांत गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में किसी मरीज की हालत अचानक बिगड़ने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। ओसला और गंगाड़ जैसे सीमांत गांवों में सड़क संपर्क की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का असर सबसे ज्यादा आपातकालीन परिस्थितियों में दिखाई देता है। गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और गंभीर मरीजों के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में कुछ घंटे या कभी-कभी कुछ मिनट भी जिंदगी और मौत के बीच का अंतर बन सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सीमांत गांवों को बेहतर सड़क संपर्क और मजबूत स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। यदि गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध हो, तो कई मुश्किल परिस्थितियों में जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है। ग्रामीण लंबे समय से ओसला, गंगाड़ और आसपास के गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग करते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, जरूरी संसाधन और आपात स्थिति में तेज परिवहन व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है।

अमिना और नवजात की मौत ने छोड़े कई सवाल

अमिना और उनके नवजात की मौत केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि इसने सीमांत इलाकों में रहने वाले लोगों की उन मुश्किलों को भी सामने ला दिया है, जिनका सामना वे आपात स्थिति में करते हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों की उम्मीद है कि प्रशासन सीमांत क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य केंद्र और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में गंभीर कदम उठाएगा।

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Disclaimer :- यह खबर उपलब्ध स्थानीय जानकारी और दिए गए विवरण के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़े तथ्यों में प्रशासनिक जांच या आधिकारिक पुष्टि के बाद कोई बदलाव संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों की जानकारी को प्राथमिकता दें।

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