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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

By A S
October 16, 2026 8:17 AM
Cabinet Minister Rekha Arya Files Fir Against Husband :- कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
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Cabinet Minister Rekha Arya Files Fir Against Husband :- उत्तराखंड की राजनीति से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री ने अपनी शिकायत में मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया गया है, जिसके आधार पर हत्या की साजिश से जुड़ी आशंका जताई गई है।

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मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। रेखा आर्या ने मुकदमा दर्ज कराने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो साझा करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला लिया।

रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत पर देहरादून के कैंट थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में उनके पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए हत्या की साजिश से संबंधित गंभीर आशंका भी जताई गई है। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई और ऑडियो में सामने आए तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

Cabinet Minister Rekha Arya Files Fir Against Husband :- कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो साझा कर बताई अपनी बात

मुकदमा दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने फेसबुक पर एक वीडियो और अपने पति से जुड़ा ऑडियो साझा किया। उन्होंने बताया कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लेना पड़ा। मंत्री के अनुसार, इस कदम के पीछे बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता भी एक अहम वजह रही। घरेलू विवाद के बीच पुलिस तक पहुंचने का उनका फैसला अब इस मामले को लेकर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर साझा की गई रिकॉर्डिंग और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है। इसलिए मामले में सामने आ रहे दावों को जांच पूरी होने तक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी सामने आई है। उन्हें सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद देहरादून के द्वारिका चौक स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सिद्धांत खन्ना के अनुसार, उनकी ईसीजी रिपोर्ट में मामूली परेशानी सामने आई है। हृदय रोग विशेषज्ञ की सलाह पर उनकी अन्य जांचें भी कराई जा रही हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। स्वास्थ्य संबंधी आगे की जानकारी जांच और चिकित्सकीय निगरानी के आधार पर सामने आ सकती है। मुकदमा दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने महिलाओं से घरेलू उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “महिला आम हो, महिला खास हो… घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है।” उनका यह संदेश घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ले आया है।

FIR में IPC की 10 और SC-ST एक्ट की तीन धाराओं का उल्लेख

रेखा आर्या की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC) की 10 धाराओं का उल्लेख किया गया है। इनमें धारा 120-B, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-A, 504 और 506 शामिल हैं। इसके अलावा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) का भी उल्लेख किया गया है।

इन धाराओं में आपराधिक साजिश, मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी, वैवाहिक और घरेलू उत्पीड़न से संबंधित अपराधों तथा धमकी और जाति आधारित अत्याचार से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, किसी धारा का एफआईआर में दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में किन प्रावधानों का अंतिम रूप से इस्तेमाल होगा, यह जांच और लागू कानून के आधार पर तय होगा।

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पुलिस ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े दावों, शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत, सोशल मीडिया पर साझा किया गया ऑडियो और उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर ने इस घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। एक ओर घरेलू उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश सामने आया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस के सामने आरोपों की निष्पक्ष जांच करने की जिम्मेदारी है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और आने वाले दिनों में सामने आने वाले तथ्यों पर है। मामले में किसी भी पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना जरूरी है।

Disclaimer :- यह समाचार उपलब्ध जानकारी, शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुलिस के प्रारंभिक बयान पर आधारित है। इसमें उल्लिखित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस लेख के माध्यम से नहीं की गई है। एफआईआर में नाम या धाराएं दर्ज होने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।

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