Champawat Rape Case Fake Conspiracy Unveiled :- उत्तराखंड के चंपावत जिले के सल्ली गांव से सामने आया कथित दुष्कर्म का मामला अब पूरी तरह नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिस घटना ने कुछ दिनों पहले पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था, उसी मामले में पुलिस जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि शुरुआती आरोपों के पीछे एक सोची-समझी साजिश काम कर रही थी।
पुलिस लाइन सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक Rekha Yadav ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कमल रावत ने पुरानी रंजिश के चलते अपनी महिला मित्र और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस षड्यंत्र को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
चंपावत में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन पर आरोप !
दरअसल, बुधवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत देकर अपनी 16 वर्षीय बेटी के साथ तीन लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था। मामला सामने आते ही पुलिस ने तुरंत पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी चंपावत के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया गया।
एसपी रेखा यादव ने खुद पीड़िता से बातचीत की और घटनास्थल पर जाकर स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्यों को सुरक्षित किया और वैज्ञानिक तरीके से जांच के लिए आरएफएसएल ऊधम सिंह नगर की टीम को बुलाया गया। साथ ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, सीडब्ल्यूसी के सामने काउंसिलिंग हुई और न्यायालय में बयान भी दर्ज कराए गए।
Table of Contents
Toggleसीसीटीवी और मेडिकल रिपोर्ट से सामने आई नई कहानी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन पीड़िता गांव में आयोजित एक विवाह समारोह में अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ गई थी। पुलिस ने उसके विभिन्न स्थानों पर आने-जाने और गतिविधियों की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सीडीआर के जरिए की। पुलिस के मुताबिक मेडिकल परीक्षण में किसी प्रकार की बाहरी या अंदरूनी चोट, संघर्ष या जबरदस्ती के स्पष्ट संकेत नहीं मिले।

इसके बाद पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहराई से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कमल रावत पहले से इस पूरे घटनाक्रम की योजना बना रहा था। बताया गया कि उसने पीड़िता को उसके पिता का इलाज एम्स में कराने का लालच दिया और धीरे-धीरे उसे अपने षड्यंत्र में शामिल कर लिया।
खुले कमरे में बनाया गया कथित घटना का माहौल
पुलिस के अनुसार घटना स्थल नवीन रावत का कमरा था, जहां दो कमरों में से एक कमरा खुला हुआ था। मेहंदी समारोह के बाद कमल ने विनोद नामक व्यक्ति को फोन कर वहां बुलाने की कोशिश की, लेकिन उसके नहीं आने पर पीड़िता और उसके साथियों ने कमरे में कथित दुष्कर्म जैसा माहौल तैयार किया और उसका वीडियो बनाया। एसपी रेखा यादव ने बताया कि इस बात का खुलासा खुद पीड़िता ने अपने बयान में किया है। अदालत के सामने दिए गए बयान में भी उसने कमल रावत के साथ मिलकर षड्यंत्र में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
मसाज सेंटर में चल रहा था सेक्स रैकेट, मिजोरम की युवतियों का रेस्क्यू, 6 गिरफ्तार !
सीडीआर ने खोले कई राज
पुलिस जांच के दौरान कमल रावत, उसकी महिला मित्र और पीड़िता के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर निकलवाई गई। इसमें यह सामने आया कि पीड़िता के सबसे अधिक संपर्क में कमल रावत ही था। इसी के बाद पुलिस को पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
श्मशान घाट में हुई शादी, उत्तराखंड की इस अनोखी शादी ने खड़े किए बड़े सवाल !
पुरानी रंजिश बनी षड्यंत्र की वजह
पुलिस के मुताबिक कमल रावत पहले भी इसी तरह के एक मामले में जेल जा चुका था। कुछ महीने पहले हाईकोर्ट से उसे राहत मिली थी, जिसमें पीड़िता के बयान की अहम भूमिका बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि तभी से वह विपक्षी परिवार से रंजिश रखने लगा था और इसी बदले की भावना में उसने यह पूरा षड्यंत्र रचा। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और बाकी लोगों की भूमिका को लेकर भी पूछताछ जारी है। इस खुलासे के बाद इलाके में लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है।
Disclaimer :- यह लेख पुलिस और प्रशासन द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं होगा।




