Dehradun Dengue Cases :- देहरादून में मौसम भले ही अभी पूरी तरह गर्मी में नहीं बदला हो, लेकिन एक चिंता जरूर लोगों के बीच धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। मार्च से अब तक जिले के सरकारी अस्पतालों में करीब 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। आमतौर पर यह बीमारी मानसून के बाद दस्तक देती है, लेकिन इस बार समय से पहले सामने आए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है।
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एक महीने में 10 केस, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
पिछले एक महीने के भीतर सामने आए इन मामलों को हल्के में नहीं लिया जा रहा। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को डेंगू और मलेरिया को लेकर एडवाइजरी जारी की है। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आइसोलेशन वार्ड तैयार रखें ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों का सही तरीके से इलाज किया जा सके। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी बेड पर मच्छरदानी लगाई जाए और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विभाग चाहता है कि इस बार बीमारी को शुरुआत में ही रोक लिया जाए, ताकि आगे हालात बिगड़ने न पाएं।

समय से पहले केस आने से बढ़ी चिंता
आमतौर पर डेंगू के मामले जुलाई या उसके बाद देखने को मिलते हैं, लेकिन मार्च और अप्रैल में ही मरीज मिलने लगे हैं। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव और मच्छरों की बढ़ती संख्या इस स्थिति के पीछे कारण हो सकते हैं। अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले महीनों में यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
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जांच को लेकर सख्त निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को यह भी साफ निर्देश दिया है कि केवल एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को ही डेंगू का मरीज माना जाए। कई बार कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव दिखने के बाद मरीज को डेंगू घोषित कर दिया जाता है, लेकिन बाद में एलाइजा टेस्ट नेगेटिव निकलता है। इसलिए सटीक पहचान और सही इलाज के लिए एलाइजा जांच को ही सबसे भरोसेमंद माना गया है।

पिछले सात वर्षों में देहरादून में डेंगू के आंकड़े
देहरादून में डेंगू का इतिहास यह दिखाता है कि कभी-कभी हालात काफी गंभीर हो सकते हैं। 2019 में जहां हजारों मामले सामने आए थे, वहीं 2023 में भी मौतों के साथ बड़ी संख्या में मरीज मिले थे। हालांकि कुछ वर्षों में राहत भी मिली, लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले से ही सक्रिय हो गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
| वर्ष | डेंगू के मामले | मौतें |
|---|---|---|
| 2019 | 4991 | 06 |
| 2020 | 00 | 00 |
| 2021 | 126 | 00 |
| 2022 | 1434 | 00 |
| 2023 | 1201 | 13 |
| 2024 | 37 | 00 |
| 2025 | 500 | 00 |
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल भी नहीं बरती जा सकती। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर और भी कदम उठाए जाएंगे। ऐसे समय में लोगों की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी हो जाती है। घर के आसपास पानी जमा न होने देना, साफ-सफाई रखना और मच्छरों से बचाव करना बेहद जरूरी है।
Disclaimer :- यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। डेंगू या किसी भी बीमारी से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह का पालन करें।




