Fraud With Khanpur MLA Umesh Kumar :- ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब साइबर अपराधी आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाने लगे हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से सामने आया एक मामला यह साबित करता है कि धोखेबाज किसी को भी अपने जाल में फंसा सकते हैं। खानपुर विधानसभा सीट से विधायक उमेश कुमार शर्मा भी एक ऐसे ही ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो गए, जिसमें उन्हें पुरानी कार बेचने का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी गई।
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मामले के अनुसार अगस्त 2025 में झारखंड के रांची निवासी ख्वाजा हुसैन ने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। उसने एक पुरानी मॉरिस कार बेचने की पेशकश की और बातचीत के दौरान कार की कई तस्वीरें तथा उससे जुड़ी जानकारियां साझा कीं। आरोपी ने दावा किया कि वाहन पूरी तरह ठीक स्थिति में है और उसे देहरादून में उपलब्ध करा दिया जाएगा। कार की तस्वीरें और भरोसेमंद बातचीत देखकर सौदा आगे बढ़ा और आखिरकार कार की कीमत 4.50 लाख रुपये तय कर दी गई। आरोपी ने लगातार विश्वास दिलाया कि भुगतान होते ही वाहन की डिलीवरी कर दी जाएगी।
अलग-अलग तारीखों में ट्रांसफर किए गए 4.50 लाख रुपये
सौदा तय होने के बाद आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में अलग-अलग तारीखों पर कुल 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। भुगतान पूरा होने के बाद वाहन मिलने का इंतजार शुरू हुआ, लेकिन समय बीतने के बावजूद कार नहीं पहुंची। जब इस बारे में आरोपी से संपर्क किया गया तो उसने शुरुआत में पैसे प्राप्त होने की बात स्वीकार की, लेकिन कार भेजने को लेकर लगातार टालमटोल करता रहा। कुछ समय बाद उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया, जिससे पूरे मामले में धोखाधड़ी की आशंका और मजबूत हो गई।
शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
ठगी का एहसास होने के बाद विधायक के कार्यालय प्रबंधक मोहम्मद असद खान ने देहरादून के राजपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पूरी घटना का उल्लेख करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी ख्वाजा हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की हो रही जांच
पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े तकनीकी और वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन जानकारियों से आरोपी तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिल सकती है। राजपुर थाना प्रभारी पीड़ी भट्ट के अनुसार प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ऑनलाइन खरीदारी करते समय बरतें सावधानी
यह मामला एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की सीख देता है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले आकर्षक ऑफरों पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। किसी भी वाहन या महंगी वस्तु की खरीदारी से पहले उसकी भौतिक जांच, दस्तावेजों की पुष्टि और विक्रेता की पहचान का सत्यापन करना बेहद जरूरी है।
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खानपुर विधायक उमेश कुमार शर्मा के साथ हुई 4.50 लाख रुपये की कथित ऑनलाइन ठगी ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। पुरानी मॉरिस कार बेचने का झांसा देकर आरोपी ने विश्वास हासिल किया और भुगतान मिलने के बाद गायब हो गया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी तथा दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक आरोप मात्र हैं। अंतिम सत्य पुलिस जांच और न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

