Road Scam Chamoli Garhwal :- उत्तराखंड के चमोली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। थराली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाए गए कंडवाल गांव से कफूली मल्ला मोटर मार्ग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जाने के बावजूद सड़क का बड़ा हिस्सा आज भी अधूरा पड़ा हुआ है।
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राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने इस पूरे मामले को एक बड़ी वित्तीय अनियमितता बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क का कार्य कागजों में पूरा दिखाया गया, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि सड़क के अधिकांश हिस्से में निर्माण कार्य अधूरा दिखाई देता है। उनके अनुसार पूरे मार्ग में केवल दो से तीन किलोमीटर तक ही प्रीमिक्स कारपेट (पीसी) कार्य नजर आता है, जबकि बाकी सड़क दावों के अनुरूप विकसित नहीं की गई है।
तीन वर्षों से भेजी जा रही पूर्णता रिपोर्ट पर सवाल
सेमवाल ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से पिछले तीन वर्षों से उच्चाधिकारियों को सड़क निर्माण पूरा होने की रिपोर्ट भेजी जाती रही है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े सभी दस्तावेज, माप पुस्तिकाएं (एमबी) और भुगतान संबंधी फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए सील किया जाए।
ग्रामीणों को हो रही परेशानी
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा कि पिछले लगभग एक वर्ष से सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क केवल एक सुविधा नहीं बल्कि जीवनरेखा मानी जाती है। ऐसे में किसी भी सड़क परियोजना का अधूरा रह जाना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन जाता है।
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विशेष ऑडिट कराने की मांग
पार्टी के पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल ने बताया कि इस मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे को पत्र भेजा गया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की विशेष भौतिक और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तविक निर्माण कार्य कितना हुआ और उसके मुकाबले कितना भुगतान किया गया। उनका कहना है कि ऑडिट से परियोजना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा और यदि कहीं अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई संभव होगी।
आंदोलन की चेतावनी
जिला सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी। उनका कहना है कि जनता के धन से बनने वाली परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती।
विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी की निगाहें अब प्रशासन और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि भविष्य में ऐसी परियोजनाओं की पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो सकेगी।
Disclaimer :- यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक बयानों और पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं है।

