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IMA के 94 साल के इतिहास में इस साल की पासिंग आउट परेड होगी ऐतिहासिक, जानिए क्या होगा इस बार ख़ास !

By A S
May 26, 2026 9:10 AM
IMA Passing Out Parade 2026 :- IMA के 94 साल के इतिहास में इस साल की पासिंग आउट परेड होगी ऐतिहासिक, जानिए क्या होगा इस बार ख़ास !
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IMA Passing Out Parade 2026 :- देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी यानी आइएमए का नाम सुनते ही देशभक्ति, अनुशासन और गर्व की भावना अपने आप दिल में उतर आती है। हर साल यहां होने वाली पासिंग आउट परेड हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देती है, लेकिन इस बार 13 जून को होने वाली परेड कई मायनों में खास और ऐतिहासिक बनने जा रही है। इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड की सलामी लेंगी। सबसे बड़ी बात यह है कि IMA के 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करती नजर आएंगी।

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यह पल सिर्फ सैन्य इतिहास का हिस्सा नहीं होगा, बल्कि देश में बदलती सोच और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक भी बनेगा। भारतीय सैन्य अकादमी लंबे समय तक केवल पुरुष कैडेटों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में जानी जाती रही है। यहां से निकलने वाले अधिकारी देश की सीमाओं पर नेतृत्व करते आए हैं। अब पहली बार महिला कैडेटों की मौजूदगी इस परंपरा को नई दिशा देने जा रही है। 13 जून को जब महिला और पुरुष कैडेट एक साथ अंतिम पग भरेंगे, तो यह दृश्य केवल एक सैन्य समारोह नहीं बल्कि समान अवसर और बदलते भारत की तस्वीर पेश करेगा। सैन्य विशेषज्ञ भी इसे भारतीय सेना की आधुनिक और समावेशी सोच की बड़ी पहल मान रहे हैं।

महिला कैडेटों के लिए बदला गया पूरा ढांचा

महिला कैडेटों के प्रवेश के बाद आइएमए में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार अकादमी में आवास व्यवस्था, प्रशिक्षण सुविधाएं, खेल परिसर और मेडिकल यूनिट तक को नए स्वरूप में तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि महिला और पुरुष कैडेटों को समान अवसर और समान मानक मिलें। सेना अब ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है जहां प्रतिभा और क्षमता को ही सबसे बड़ी पहचान माना जाए।

Josh' is high as 382 IMA cadets join Indian Army after Passing out Parade -  The Statesman

‘जेंटलमैन कैडेट’ से ‘ऑफिसर कैडेट’ तक का सफर

भारतीय सैन्य अकादमी ने दिसंबर 2023 में एक अहम बदलाव करते हुए ‘जेंटलमैन कैडेट’ शब्द को बदलकर ‘ऑफिसर कैडेट’ कर दिया था। यह बदलाव सिर्फ एक शब्द का परिवर्तन नहीं था, बल्कि सेना की आधुनिक सोच और लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना गया। अब महिला कैडेटों की मौजूदगी ने इस बदलाव को और अधिक मजबूत बना दिया है। इससे यह संदेश साफ है कि भारतीय सेना अब नई पीढ़ी के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है।

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एनडीए से आइएमए तक का प्रेरणादायक सफर

अगस्त 2022 में पहली बार 19 महिला कैडेटों का बैच राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए में शामिल हुआ था। तीन साल के कठिन प्रशिक्षण के बाद मई 2025 में इनमें से 18 कैडेट स्नातक हुईं। इनमें से आठ महिला कैडेटों ने भारतीय सेना में सेवा देने का निर्णय लिया और 15 जुलाई 2025 को आइएमए में प्रवेश लिया। अब ये सभी कैडेट एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर चुकी हैं और 13 जून को अंतिम पग भरते हुए भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी। यह सफर उन लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा का सपना देखती हैं।

IMA Passing Out Parade | ukupdate.in

देश के लिए गर्व और नई सोच का प्रतीक बनेगी यह परेड

इस बार की पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य परंपरा नहीं होगी, बल्कि यह भारत के बदलते भविष्य की झलक भी पेश करेगी। महिला कैडेटों का आइएमए में प्रशिक्षण और उनका परेड में शामिल होना यह साबित करता है कि अब सेना में अवसरों की नई शुरुआत हो चुकी है। 13 जून का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है, जहां परंपरा और आधुनिकता एक साथ कदमताल करती नजर आएंगी।

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Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सैन्य सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक कार्यक्रम या विवरण में समय के अनुसार बदलाव संभव हैं।

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