Missing Teen Girl Rescued from Himachal :- ऑनलाइन गेमिंग आज बच्चों और युवाओं के मनोरंजन का एक आम जरिया बन चुका है, लेकिन अनजान लोगों से होने वाली दोस्ती कभी-कभी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। ऊधमसिंह नगर के नानकमत्ता से सामने आया मामला इसी बात की ओर इशारा करता है। यहां ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान एक 17 वर्षीय किशोरी की एक युवक से पहचान हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और इसके बाद किशोरी घर से लापता हो गई।
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करीब दो महीने तक तलाश के बाद पुलिस ने किशोरी को हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने उसे कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई।
16 जून को घर से लापता हुई थी किशोरी
पुलिस के अनुसार 17 वर्षीय किशोरी 16 जून 2026 को बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। उनकी तहरीर के आधार पर 25 जून को नानकमत्ता कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना उपनिरीक्षक राजेंद्र पंत को सौंपी गई। प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के नेतृत्व में किशोरी की तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई।
ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई थी युवक से पहचान
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को किशोरी के ऑनलाइन संपर्कों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, किशोरी की पहचान आरोपी युवक से ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई थी। गेम खेलने के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में संपर्क बढ़ता गया। पुलिस का आरोप है कि युवक ने किशोरी को अपनी बातों में लिया और उसे अपने साथ हिमाचल प्रदेश ले गया। इसके बाद से किशोरी परिवार से दूर रही।
किशोरी का पता लगाने के लिए पुलिस ने कई स्तर पर जांच की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पुलिस ने मैनुअल पुलिसिंग के जरिए भी सुराग तलाशे। लगातार की गई जांच के दौरान पुलिस को किशोरी के हिमाचल प्रदेश में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां दबिश देकर उसे सकुशल बरामद कर लिया।
करीब दो महीने बाद हिमाचल प्रदेश से हुई बरामदगी
परिवार के लिए यह करीब दो महीने बेहद चिंता और परेशानी भरे रहे होंगे। किशोरी के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस हिमाचल प्रदेश तक पहुंची और आखिरकार किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसके साथ मौजूद 19 वर्षीय युवक को भी गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस ने आरोपी की पहचान हर्ष ठाकुर उर्फ निखिल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान में उत्तम नगर, दिल्ली में रह रहा था। पुलिस ने उसे किशोरी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।
ऑपरेशन प्रहार के तहत हुई कार्रवाई
ऊधमसिंह नगर पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार के तहत यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के नेतृत्व में गठित टीम ने किशोरी की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग का सहारा लिया। इस अभियान के दौरान उपनिरीक्षक राजेंद्र पंत, हेड कांस्टेबल रघुनाथ गोस्वामी और कांस्टेबल गिरीश चंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑनलाइन दोस्ती को लेकर अभिभावकों के लिए भी बड़ा सबक
यह मामला केवल एक किशोरी के लापता होने की घटना नहीं है, बल्कि ऑनलाइन दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। गेमिंग प्लेटफॉर्म पर दोस्ती कब निजी बातचीत और मुलाकात तक पहुंच जाए, इसका अंदाजा कई बार परिवारों को नहीं हो पाता। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर उनसे खुलकर बातचीत करें।
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बच्चों को यह समझाना भी जरूरी है कि इंटरनेट पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा करना या बिना परिवार को बताए उससे मिलने जाना जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले की पूरी सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
Disclaimer :- यह खबर पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और मामले से संबंधित प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य न माना जाए। मामले में दोष या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। नाबालिग की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता का सम्मान किया गया है।

