Nanda Ki Chowki Bridge :- देहरादून के लोगों के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। जिस नए पुल से लोगों को सुरक्षित और सुगम सफर की उम्मीद थी, उसी पुल में पहली बड़ी बारिश के बाद भारी धंसाव हो गया। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस पुल में इतनी जल्दी आई खराबी ने न केवल स्थानीय लोगों को परेशान किया है, बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
देहरादून-पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से नए मुख्य पुल का निर्माण किया गया था। इस पुल को हाल ही में यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन पहली ही बड़ी बारिश के दौरान पुल के एक हिस्से में भारी धंसाव देखने को मिला। पुल में आई इस गंभीर खामी के बाद लोगों के मन में इसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतने कम समय में पुल का इस तरह प्रभावित होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
पुराना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बनाई गई थी अस्थाई पुलिया
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 15 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि से हुई थी, जब नंदा की चौकी का पुराना मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की एबटमेंट वॉल और एक स्लैब टूट जाने के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए ह्यूम पाइप डालकर एक अस्थाई पुलिया तैयार की। इसी पुलिया के सहारे करीब 10 महीने तक देहरादून-पांवटा साहिब मार्ग पर वाहनों का आवागमन जारी रहा।
मार्च 2026 में पुराने पुल की जगह नए पुल के निर्माण का कार्य शुरू किया गया। निर्माण पूरा होने के बाद 11 जुलाई की रात तेज बहाव के कारण अस्थाई पुलिया धंस गई। इसके बाद विभाग ने तेजी से अंतिम कार्य पूरे किए और 12 जुलाई से पुनर्निर्मित मुख्य पुल पर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया। लोगों को उम्मीद थी कि अब लंबे समय तक इस मार्ग पर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी।
पहली बारिश में ही सामने आई बड़ी खामी
नए पुल पर यातायात शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद हुई पहली बड़ी बारिश ने इसकी मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए। बारिश के दौरान पुल में भारी धंसाव होने से आवागमन प्रभावित हो गया और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। फिलहाल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण शुरू कर दिया है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि धंसाव की असली वजह क्या है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पुल का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में नए पुल में इतनी जल्दी आई खराबी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक, दो परीक्षाएं रद्द, शिक्षक पर 7 साल की बड़ी कार्रवाई !
नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने नए पुल का पहली ही बारिश में धंस जाना एक गंभीर मामला है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस पुल में इतनी जल्दी आई खराबी ने निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन या संबंधित विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट में तथ्य बदल सकते हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।

