School Timing Change Due To Heat Wave :- उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में लगातार बढ़ रही गर्मी ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ते तापमान के बीच अब बच्चों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है. ऐसे हालात में उधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है और हीट वेव के खतरे को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी था.
राजकीय शोक में जश्न मानना पड़ा यूनिवर्सिटी को भरी, केस दर्ज !
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों का समय फिलहाल बदल दिया गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी चेतावनी में साफ कहा गया है कि उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना रह सकता है. प्रशासन के मुताबिक बढ़ते तापमान के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा काफी बढ़ गया है. खासकर छोटे बच्चों, छात्र-छात्राओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं पर हीट वेव का असर ज्यादा पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक ही खुलेंगे स्कूल
जारी आदेश के तहत 20 मई 2026 से अगले एक सप्ताह तक जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सरकारी और निजी विद्यालय केवल सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे. इसके बाद सभी संस्थानों में अवकाश रहेगा. प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था आगे भी जारी रखी जा सकती है. जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को भीषण गर्मी और लू से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद देहरादून में आवारा कुत्तों पर होगा बड़ा एक्शन !
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने सभी विद्यालय प्रबंधन समितियों, निजी स्कूल संचालकों और संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई शिक्षण संस्थान आदेश की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की ओर से अभिभावकों से भी अपील की गई है कि बच्चे तेज धूप में बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के जरूरी उपाय अपनाएं. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच जिला प्रशासन का यह फैसला अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है.
बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई चिंता
इस साल मई महीने में ही तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. दोपहर के समय सड़कों पर गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दे रहा है. ऐसे में प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव को बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
Disclaimer :- यह लेख प्रशासन द्वारा जारी आदेश और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है. मौसम और प्रशासनिक निर्देशों में समय-समय पर बदलाव संभव है, इसलिए संबंधित विद्यालय या जिला प्रशासन से आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें.

