Site icon Uttarakhand Update

हरिद्वार में पानी की टंकी में 27 साँप मिलने से हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू !

Snakes Found In Water Tank :- हरिद्वार में पानी की टंकी में 27 साँप मिलने से हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू !

Snakes Found In Water Tank :- सोचिए आप रोज की तरह अपने घर की पानी की टंकी की जांच करने जाएं और अंदर दर्जनों सांप के बच्चे घूमते हुए दिखाई दें। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के सराय गांव से सामने आया है, जहां एक मकान की पानी की टंकी में बड़ी संख्या में सांप के बच्चे मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अचानक इतने सारे सांपों को एक साथ देखकर परिवार के सदस्य डर गए और आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई।

बहन की मौत के बाद जीजा पर लगा HIV बीमारी छिपाने का आरोप, केस दर्ज !

टंकी के अंदर दिखे दर्जनों सांप, ग्रामीणों की जुटी भीड़

जानकारी के अनुसार घर के लोगों ने जब पानी की टंकी के अंदर झांककर देखा तो वहां कई सांप के बच्चे रेंगते हुए नजर आए। यह नजारा देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई यह देखकर हैरान था कि आखिर एक ही टंकी में इतनी बड़ी संख्या में सांप कैसे पहुंच गए।

वन विभाग और स्नेक कैचर्स ने चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम के साथ पहुंचे अनुभवी स्नेक कैचर तालिब और भोला ने काफी सावधानी और मेहनत के साथ टंकी में मौजूद सांपों को बाहर निकालना शुरू किया। कई घंटों तक चले अभियान के दौरान टंकी से कुल 27 सांप के बच्चे बरामद किए गए। सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर बाहर निकाला गया और बाद में उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि पानी की टंकी में किसी मादा सांप ने अंडे दिए होंगे। चूंकि टंकी में पानी मौजूद था और वहां का वातावरण अपेक्षाकृत सुरक्षित तथा नम था, इसलिए यह स्थान सांपों के अंडों के लिए उपयुक्त साबित हुआ। इसी वजह से वहां बड़ी संख्या में सांप के बच्चे निकल आए और कई दिनों तक उसी टंकी में मौजूद रहे।

कीलबैक प्रजाति के निकले सभी सांप

रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह के अनुसार रेस्क्यू किए गए सभी सांप कीलबैक (Keelback) प्रजाति के हैं। आम बोलचाल में इन्हें “पानी का सांप” भी कहा जाता है। यह प्रजाति मुख्य रूप से तालाबों, नदियों, नहरों और अन्य जल स्रोतों के आसपास पाई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सांप आमतौर पर इंसानों के लिए खतरनाक नहीं माने जाते, लेकिन किसी भी सांप के संपर्क में आने से बचना चाहिए और ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित टीम की मदद लेनी चाहिए।

पुरानी कार बेचने का झांसा देकर खानपुर विधायक उमेश कुमार से लाखों रुपये की ठगी !

वन विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ सांप और अन्य वन्यजीव ठंडी तथा नम जगहों की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ आ जाते हैं। पानी की टंकियां, नालियां, बगीचे और जल स्रोत उनके लिए सुरक्षित स्थान बन जाते हैं। इसी वजह से गर्मियों के दौरान घरों के आसपास सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो

पानी की टंकी से 27 सांप के बच्चों के रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने के बाद लोग आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं कि एक छोटी सी टंकी में इतने अधिक सांप के बच्चे कैसे मौजूद हो सकते हैं। कई लोग वन विभाग और स्नेक कैचर्स की टीम की सराहना भी कर रहे हैं, जिन्होंने बिना किसी नुकसान के सभी सांपों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि घर, खेत या आसपास किसी भी प्रकार का सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें ताकि जानवर और इंसान दोनों सुरक्षित रह सकें।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध जानकारी और स्थानीय प्रशासन द्वारा साझा किए गए तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। सांप या किसी भी वन्यजीव से जुड़ी स्थिति में स्वयं कार्रवाई करने के बजाय संबंधित विभाग या प्रशिक्षित विशेषज्ञों की सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

Exit mobile version