Transport Department Inspector Arrested :- देहरादून में एक बार फिर परिवहन विभाग विवादों के केंद्र में आ गया है। हर्रावाला क्षेत्र में तैनात एक आरटीओ इंस्पेक्टर पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से हर महीने कथित तौर पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया जब नाराज़ कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने इंस्पेक्टर को एक दुकान के अंदर करीब दो घंटे तक बैठाकर रखा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद लोगों में गुस्सा और सवाल दोनों बढ़ गए हैं।
बताया जा रहा है कि हर्रावाला इलाके में लंबे समय से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से कथित तौर पर मासिक वसूली की जा रही थी। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि बिना पैसे दिए वाहनों को चलने नहीं दिया जाता था। सोमवार को जब इंस्पेक्टर कथित तौर पर पैसे लेने पहुंचा, तभी लोगों का सब्र टूट गया और उन्होंने उसे दुकान के अंदर रोक लिया।
वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कहते दिखाई दे रहे हैं कि वह सिर्फ पेशाब करने आए थे और इसी दौरान उन्हें रसमलाई खाने के लिए बैठा लिया गया। लेकिन मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि वह पैसे लेने पहुंचे थे और इस बार उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
वायरल वीडियो ने खोली कथित वसूली की परतें
घटना के दौरान दुकान के अंदर टेबल पर कागज में लिपटी नोटों की एक गड्डी भी दिखाई दी, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया। वीडियो में बाहर खड़ी भीड़ नारेबाजी करती दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि यह वसूली कोई नई बात नहीं थी बल्कि कई सालों से चल रही थी। कारोबारियों के अनुसार अलग-अलग वाहनों के लिए कथित रिश्वत की रकम तय थी। छोटी गाड़ियों से हर महीने करीब दो हजार रुपये लिए जाते थे, जबकि बड़े वाहनों से आठ हजार से बारह हजार रुपये तक वसूले जाने के आरोप लगाए गए हैं।
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“बिना पैसे गाड़ियां नहीं चलने दूंगा” पोस्टर बना चर्चा का केंद्र
घटना के दौरान गुस्साए लोगों ने दुकान के बाहर एक पोस्टर भी लगाया, जिस पर लिखा था, “मैं देहरादून आरटीओ हूं, बिना पैसे गाड़ियां नहीं चलने दूंगा।” यह पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर परिवहन विभाग को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे विभाग में फैले कथित भ्रष्टाचार का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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परिवहन सचिव ने दिए जांच के आदेश
मामले के सामने आने के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया। परिवहन सचिव ने तुरंत आरटीओ प्रशासन को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार संबंधित इंस्पेक्टर को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से पूरी जांच रिपोर्ट सामने आना बाकी है।
परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने परिवहन विभाग की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से आम जनता और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो विभाग की साख पर और बड़ा असर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या इस मामले में वास्तव में पारदर्शी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
Disclaimer :- यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, स्थानीय लोगों के आरोपों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

