Uttarakhand Electricity Smart Prepaid Meter :- उत्तराखंड में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लोगों के मन में लंबे समय से कई सवाल और डर बने हुए थे। कई उपभोक्ताओं को यह चिंता रहती थी कि अगर अचानक बैलेंस खत्म हो गया तो रात में बिजली कट जाएगी और परिवार को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
अब राज्य सरकार ने ऐसे ही डर को कम करने के लिए कई राहत भरे फैसले लिए हैं, जिससे आम लोगों को काफी सुविधा मिलने वाली है। राज्य में करीब 30 लाख बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन अब तक केवल लगभग 1500 स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जा सके हैं। सरकार अब चाहती है कि लोग इस नई व्यवस्था को आसानी से अपनाएं, इसलिए उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं और छूट देने की घोषणा की गई है।
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Uttarakhand Smart Prepaid Meter पर मिलेगी बिल में छूट
सरकार ने साफ किया है कि जो उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें बिजली बिल पर चार प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह फैसला खासतौर पर मध्यम वर्ग और नियमित बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। इससे हर महीने बिजली खर्च में थोड़ी बचत हो सकेगी।

अब रात में नहीं कटेगी बिजली
सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि अगर शाम छह बजे के बाद स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म हो जाता है, तो बिजली तुरंत बंद नहीं होगी। सरकार ने तय किया है कि रात के समय यानी शाम छह बजे से सुबह आठ बजे तक बिजली कनेक्शन चालू रहेगा। इस फैसले का मकसद छात्रों की पढ़ाई, बुजुर्गों की सुविधा और घरेलू जरूरतों को प्रभावित होने से बचाना है। अब लोगों को रात में अचानक अंधेरे का डर नहीं रहेगा।
रविवार और सरकारी छुट्टी पर भी मिलेगी राहत
सरकार ने यह भी तय किया है कि रविवार, महीने के दूसरे शनिवार और सरकारी अवकाश के दिन बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। चाहे उपभोक्ता का बैलेंस माइनस में ही क्यों न चला जाए, फिर भी सप्लाई जारी रहेगी। यह फैसला उन परिवारों के लिए काफी मददगार माना जा रहा है जो छुट्टियों के दौरान रीचार्ज नहीं करा पाते।
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बैलेंस खत्म होने के बाद भी 30 दिन तक चलेगी बिजली
एक किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने और बड़ी राहत दी है। अब बैलेंस खत्म होने के बाद भी करीब 30 दिनों तक बिजली सप्लाई जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अचानक आर्थिक दबाव को कम करना है ताकि वे आराम से बाद में रीचार्ज करा सकें।
दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को मिलेगी Emergency Power
दो किलोवाट तक के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब 200 रुपये तक की नेगेटिव बैलेंस सुविधा भी मिलेगी। यानी अगर बैलेंस खत्म हो जाए तो भी कुछ समय तक बिजली इस्तेमाल की जा सकेगी। बाद में जब उपभोक्ता रीचार्ज कराएगा तो इस्तेमाल हुई राशि अपने आप कट जाएगी। इस सुविधा को इमरजेंसी पावर की तरह देखा जा रहा है।
बिजली काटने से पहले भेजे जाएंगे कई अलर्ट
अब बिजली विभाग बिना सूचना के अचानक कनेक्शन नहीं काट सकेगा। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बिजली काटने से पहले उपभोक्ताओं को कम से कम पांच SMS अलर्ट भेजना जरूरी होगा। इससे लोगों को समय रहते बैलेंस रीचार्ज कराने का मौका मिल जाएगा और अचानक परेशानी नहीं होगी।
अभी सरकारी दफ्तरों में लगाए जा रहे हैं स्मार्ट मीटर
फिलहाल उत्तराखंड में स्मार्ट प्रीपेड मीटर मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों और विभागीय भवनों में लगाए जा रहे हैं। कुछ शहरी क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को भी इससे जोड़ा गया है। इसके अलावा नए बिजली कनेक्शन लेने वाले कई उपभोक्ताओं के घरों में सीधे स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने स्वेच्छा से आवेदन कर इस नई व्यवस्था को अपनाया है।
सरकार का मानना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली बिलिंग ज्यादा पारदर्शी होगी और बिजली चोरी पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही उपभोक्ता अपने बिजली खर्च को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेंगे। हालांकि अभी इसकी रफ्तार धीमी है, लेकिन आने वाले समय में राज्यभर में इसे तेजी से लागू करने की तैयारी चल रही है।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। नियम और सुविधाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी अंतिम निर्णय से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।




