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चमोली टनल हादसा, 7 मजदूरों की मौत, 14 घायल, बारिश के बीच राहत अभियान बना बड़ी चुनौती !

By A S
August 14, 2026 12:21 PM
Chamoli Tunnel Accident :- चमोली टनल हादसा, 7 मजदूरों की मौत, 14 घायल, बारिश के बीच राहत अभियान बना बड़ी चुनौती !
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Chamoli Tunnel Accident :- उत्तराखंड के चमोली जिले से गुरुवार शाम एक बेहद दुखद खबर सामने आई, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। पिपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। कुछ ही पलों में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कई लोग टनल के अंदर फंस गए। बचाव दल ने पूरी रात कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन इस हादसे में 7 मजदूरों की जान चली गई, जबकि 14 अन्य घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।

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यह दर्दनाक हादसा चमोली जिले के पिपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार टनल के भीतर अचानक तेज गति से पानी और मलबा घुस आया। उस समय अंदर कई मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक आए इस मलबे और पानी के कारण मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और कई लोग टनल के भीतर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके में आपात स्थिति घोषित कर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

राहत और बचाव अभियान पूरी रात रहा जारी

हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, भारतीय सेना, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टनल के भीतर जमा मलबे को हटाते हुए बचाव दल धीरे-धीरे अंदर पहुंचा और फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया। कठिन परिस्थितियों और लगातार हो रही बारिश के बावजूद बचाव दल ने लगातार अभियान जारी रखा। कई घंटों की मेहनत के बाद कुल 21 मजदूरों को बाहर निकाला गया।

Chamoli Tunnel Accident :- चमोली टनल हादसा, 7 मजदूरों की मौत, 14 घायल, बारिश के बीच राहत अभियान बना बड़ी चुनौती !

7 मजदूरों की मौत, 14 घायल

रेस्क्यू के दौरान बाहर निकाले गए मजदूरों में से 7 लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं 14 घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर लगातार घायलों की निगरानी कर रहे हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक मजदूरों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और हर कोई उनके प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित श्रमिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की लगातार निगरानी करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।

Chamoli Tunnel Accident :- चमोली टनल हादसा, 7 मजदूरों की मौत, 14 घायल, बारिश के बीच राहत अभियान बना बड़ी चुनौती !

लगातार बारिश बनी हादसे की बड़ी वजह

चमोली जिले में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और नदी-नालों का जलस्तर भी लगातार बढ़ा हुआ है। खराब मौसम के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्य और राहत अभियान दोनों चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही नीती घाटी में तेज बहाव के कारण एक पुल बह गया था। अब पिपलकोटी में टनल के भीतर पानी और मलबा घुसने की इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के खतरे को उजागर कर दिया है।

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प्रशासन की जांच पर सभी की नजर

हादसे के बाद प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। यह पता लगाया जाएगा कि टनल में अचानक पानी और मलबा किस कारण से घुसा और क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित मजदूरों व उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

चमोली का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन हजारों मजदूरों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल भी है जो कठिन परिस्थितियों में पहाड़ों के बीच बड़े निर्माण कार्यों में अपनी सेवाएं देते हैं। उम्मीद है कि घायलों का जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ होगा और जांच के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आधिकारिक और प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार कुछ तथ्य बदल सकते हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित सरकारी विभागों और आधिकारिक बयान पर भरोसा करें।

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