Char Dham Offline Registration :- चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की आस्था इन दिनों भारी परेशानियों के बीच परीक्षा दे रही है। उमसभरी गर्मी, लंबी कतारें और घंटों इंतजार के बाद भी जब पंजीकरण नहीं हो पाता, तो यात्रियों के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई देती है। कई लोग दूर-दराज राज्यों से भगवान के दर्शन की उम्मीद लेकर आए, लेकिन लगातार देरी और अव्यवस्था के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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चारधाम यात्रा में ऑफलाइन पंजीकरण बना बड़ी चुनौती
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है। मंगलवार को केवल 7,404 पंजीकरण ही हो सके, जबकि हजारों यात्री अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ दिन पहले तक एक दिन में करीब 18 हजार ऑफलाइन पंजीकरण हो रहे थे, लेकिन पिछले चार दिनों से यह आंकड़ा आधे से भी कम रह गया है।
देहरादून स्थित ट्रांजिट कैंप के 24 और आईएसबीटी के छह काउंटरों पर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार सुबह सात बजे जैसे ही काउंटर खुले, लंबी कतारें लग गईं। उमसभरी गर्मी में लोग तीन-तीन घंटे तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन इसके बावजूद कई श्रद्धालुओं का नंबर नहीं आ पाया।

दूर-दराज से आए श्रद्धालु हो रहे निराश
कानपुर से आए रूपेश अवस्थी ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से पंजीकरण कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार उन्हें बिना दर्शन किए वापस लौटने का फैसला लेना पड़ा। वहीं ओडिशा से आए यात्रियों के एक समूह ने भी बताया कि वे सुबह से पंजीकरण के इंतजार में बैठे हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा की व्यवस्था को लेकर पहले से पर्याप्त तैयारी नहीं दिख रही। लगातार बढ़ती भीड़ के बावजूद ऑफलाइन पंजीकरण की सीमित व्यवस्था यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है।
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सिफारिशें भी नहीं आ रहीं काम
चारधाम यात्रा प्रशासन और नियंत्रण संगठन के अधिकारियों के पास भी लगातार लोग सिफारिश लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि अधिकारियों द्वारा सभी को सामान्य प्रक्रिया के तहत लाइन में लगकर ही पंजीकरण कराने की बात कही जा रही है। मोबाइल टीमों के जरिए होने वाला पंजीकरण भी फिलहाल बंद पड़ा है, जिससे समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यदि जल्द अतिरिक्त काउंटर और बेहतर व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

श्रद्धालुओं की आस्था के साथ व्यवस्था की बड़ी परीक्षा
चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी भावना है। ऐसे में घंटों इंतजार और अव्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं का परेशान होना स्वाभाविक है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बढ़ती भीड़ के बीच यात्रियों को समय पर और सुचारु पंजीकरण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनकी यात्रा सुखद और सुरक्षित बन सके।
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Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध जानकारी और स्थानीय रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। यात्रा से संबंधित नियम, पंजीकरण प्रक्रिया और व्यवस्थाएं समय-समय पर प्रशासन द्वारा बदली जा सकती हैं। यात्रा पर जाने से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।




