Dhal Singh Bisen Governor of Uttarakhand :- उत्तराखंड में आज संवैधानिक पद पर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन 19 अक्टूबर को देहरादून स्थित लोकभवन में राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे डॉ. बिसेन अब उत्तराखंड के नए राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन के सफर को देखते हुए उनके कार्यभार ग्रहण करने पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। शपथ ग्रहण समारोह में नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इससे पहले रविवार शाम को उनके देहरादून पहुंचने पर औपचारिक स्वागत किया गया था।
आज लोकभवन में होगा शपथ ग्रहण समारोह
मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन रविवार शाम देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां उत्तराखंड पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस परेड का निरीक्षण भी किया। इसके बाद लोकभवन पहुंचने पर राज्यपाल सचिवालय और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वालों में राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के.के. शुक्ल, सचिव प्रोटोकॉल विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, आईजी विम्मी सचदेवा रामन और अपर सचिव रीना जोशी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे लोकभवन परिसर में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह के साथ ही डॉ. बिसेन उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल रहे हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। राजनीति के साथ उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। वह पेशे से आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के डॉक्टर होने के साथ किसान भी हैं। उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत मध्य प्रदेश की राजनीति से हुई। बरघाट विधानसभा क्षेत्र से वह चार बार विधायक चुने गए। लगातार राजनीतिक सक्रियता और विभिन्न जिम्मेदारियों के माध्यम से उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। डॉ. बिसेन का अनुभव केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में काम किया और बाद में केंद्र की राजनीति में भी अपनी भूमिका निभाई। अब उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं डॉ. बिसेन
डॉ. ढाल सिंह बिसेन वर्ष 2003 से 2005 तक मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली और प्रशासनिक कामकाज का अनुभव प्राप्त किया। इसके बाद वर्ष 2011 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दीं। इस भूमिका में राज्य के वित्तीय मामलों से संबंधित जिम्मेदारियों से उनका जुड़ाव रहा। विधानसभा और राज्य सरकार में काम करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी कदम रखा। उनका राजनीतिक सफर प्रदेश स्तर से लेकर संसद तक फैला हुआ है, जो उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को दर्शाता है।
बालाघाट से सांसद भी रह चुके हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को मध्य प्रदेश की बालाघाट लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में जीत हासिल करने के बाद वह 17वीं लोकसभा के सदस्य बने। वह वर्ष 2019 से 2024 तक सांसद रहे। इस दौरान उन्होंने संसद में बालाघाट क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। विधायक, कैबिनेट मंत्री, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और सांसद जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम करने के बाद अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्यपाल का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस पद पर रहते हुए राज्यपाल संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और राज्य की संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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गुरमीत सिंह के बाद अब डॉ. ढाल सिंह बिसेन संभालेंगे जिम्मेदारी
उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का कार्यकाल राज्य के इतिहास में विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने राज्यपाल के रूप में लंबे समय तक सेवा करते हुए पहले के कार्यकाल संबंधी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। 5 जुलाई 2026 को उन्होंने राजभवन, जिसे अब लोकभवन कहा जाता है, में अपने कार्यालय में 1,755 दिन पूरे किए थे। इसके अगले दिन, 6 जुलाई 2026 को वह उत्तराखंड में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल पद पर रहने वाले व्यक्ति बने।

इससे पहले यह रिकॉर्ड सुदर्शन अग्रवाल के नाम था। अब डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद राज्य के संवैधानिक नेतृत्व में बदलाव हो रहा है। डॉ. बिसेन का शपथ ग्रहण समारोह इसी बदलाव की औपचारिक शुरुआत है। मध्य प्रदेश में विधायक, मंत्री और सांसद के रूप में काम करने का उनका अनुभव अब उत्तराखंड में उनकी नई भूमिका के साथ जुड़ने जा रहा है।
उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में होगी नई शुरुआत
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर कई अलग-अलग जिम्मेदारियों से होकर गुजरा है। उन्होंने मध्य प्रदेश की विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया, राज्य सरकार में मंत्री पद संभाला, वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में काम किया और लोकसभा में सांसद रहे। अब उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ी होगी। प्रदेश की जनता के लिए यह नेतृत्व परिवर्तन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम है। 19 अक्टूबर को लोकभवन में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह इसी बदलाव को औपचारिक रूप देगा।
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Disclaimer :- इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध समाचार विवरणों के आधार पर तैयार की गई है। राज्यपाल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम, पदभार और राजनीतिक जीवन से संबंधित विवरणों में आधिकारिक जानकारी के अनुसार बदलाव संभव है। पाठकों को नवीनतम और प्रमाणित जानकारी के लिए उत्तराखंड लोकभवन या संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक सूचनाएं देखने की सलाह दी जाती है।




