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नैनीताल की मशहूर मटन-चावल शॉप पर राज्य कर विभाग की कार्रवाई, 50 लाख से ज्यादा टर्नओवर के बावजूद नहीं कराया GST पंजीकरण !

Mutton Shop With Over 50 Lakh Turnover :- नैनीताल की मशहूर मटन-चावल शॉप पर राज्य कर विभाग की कार्रवाई, 50 लाख से ज्यादा टर्नओवर के बावजूद नहीं कराया GST पंजीकरण !

Mutton Shop With Over 50 Lakh Turnover :- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मटन-चावल शॉप इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों से लेकर पर्यटकों तक के बीच लोकप्रिय इस दुकान पर राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान यह सामने आया कि दुकान का सालाना कारोबार 50 लाख रुपये से अधिक है, लेकिन इसके बावजूद जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया गया था। इस खुलासे के बाद विभाग ने व्यापारी को चेतावनी जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।

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नैनीताल की प्रसिद्ध मटन-चावल शॉप पर विभाग की नजर

राज्य कर विभाग को दुकान की बिक्री और कारोबार को लेकर जानकारी मिली थी। इसके बाद संयुक्त आयुक्त (हल्द्वानी) रोशन बंभावन के निर्देश पर जांच शुरू की गई। राज्य कर नैनीताल के सहायक आयुक्त प्रकाश चंद्र त्रिवेदी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने दुकान का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दुकान के मालिक चंदन सिंह कैड़ा का वार्षिक टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के कारोबार पर जीएसटी लागू होता है और नियमानुसार पंजीकरण अनिवार्य है। हालांकि जांच के समय तक व्यापारी ने जीएसटी नंबर प्राप्त नहीं किया था।

नयना गांव स्थित यह मटन-चावल शॉप लंबे समय से स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। बताया जाता है कि दुकान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। हाल के महीनों में दुकान से जुड़े वीडियो और चर्चाएं सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुई थीं। दुकान की बढ़ती लोकप्रियता और बिक्री को लेकर मिली जानकारी के आधार पर विभाग ने राजस्व रिकॉर्ड और कारोबार का मूल्यांकन किया। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दुकान का कारोबार जीएसटी पंजीकरण की निर्धारित सीमा से काफी ऊपर है।

12 जून 2026 तक दिया गया समय

राज्य कर विभाग ने व्यापारी को जीएसटी संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए तत्काल पंजीकरण कराने की सलाह दी है। व्यापारी की ओर से अधिकारियों को आश्वासन दिया गया कि वह अगले दो से तीन दिनों के भीतर जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि 12 जून 2026 तक पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो जीएसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। ऐसी स्थिति में जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

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उत्तराखंड में GST Registration क्यों है जरूरी?

उत्तराखंड सहित देश के अधिकांश राज्यों में एक निर्धारित सीमा से अधिक वार्षिक कारोबार करने वाले व्यापारियों और फर्मों के लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है। राज्य कर विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 20 लाख रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले व्यवसायों को जीएसटी के दायरे में आना होता है। जीएसटी पंजीकरण न केवल कर नियमों के पालन के लिए जरूरी है बल्कि इससे व्यवसाय की पारदर्शिता भी बढ़ती है। सरकार को कर राजस्व प्राप्त होता है और व्यापारी भी कानूनी रूप से अपना कारोबार संचालित कर पाते हैं।

राज्य कर विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि कर नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि सभी पात्र व्यापारियों को समय पर जीएसटी पंजीकरण कराना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और विभागीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से संबंधित अंतिम निर्णय और आगे की कार्रवाई राज्य कर विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में होगी। किसी भी कानूनी या कर संबंधी सलाह के लिए आधिकारिक सरकारी स्रोतों अथवा विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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