Rapido Driver Molest Woman Judge In Dehradun :- देहरादून में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। शहर में एक महिला न्यायिक अधिकारी ने ऑनलाइन कैब सेवा के चालक पर छेड़छाड़, अपहरण की कोशिश और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, यात्रा के दौरान चालक ने तय किराये से दोगुने पैसे मांगे और विरोध करने पर कथित तौर पर उन्हें सुनसान रास्ते की ओर ले गया। महिला अधिकारी की शिकायत पर डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर के अनुसार, आरोपी चालक को हिरासत में लिया गया है।
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Rapido Driver Molest Woman Judge In Dehradun
मामला 21 अक्टूबर 2026 की शाम का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, महिला न्यायिक अधिकारी ने देहरादून के बलबीर रोड स्थित जजेज कॉलोनी से मालदेवता के पास सौड़ा सरोली जाने के लिए ऑनलाइन राइड बुक की थी। यात्रा की दूरी करीब नौ किलोमीटर थी। शिकायत के अनुसार, राइड शुरू होने के कुछ समय बाद चालक ने महिला अधिकारी से कहा कि इतनी दूरी तय करने के लिए निर्धारित किराये से दोगुने पैसे देने होंगे।
महिला अधिकारी ने अतिरिक्त भुगतान करने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि वह बुकिंग के समय तय की गई राशि ही देंगी। बताया गया है कि किराये को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया। इसके बाद चालक के व्यवहार को लेकर महिला अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
तय किराये से दोगुने पैसे मांगने पर हुआ विवाद
महिला न्यायिक अधिकारी की शिकायत के मुताबिक, चालक ने यात्रा के दौरान अतिरिक्त किराये की मांग की थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो स्थिति असहज हो गई। महिला अधिकारी ने कथित तौर पर ऑनलाइन कैब कंपनी के अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से बात करने के बाद भी चालक का व्यवहार ठीक नहीं हुआ। महिला अधिकारी ने अपने रीडर को भी फोन करके स्थिति के बारे में बताया। इस दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी।
सुनसान रास्ते पर ले जाने और धमकी देने का आरोप
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू महिला अधिकारी को कथित तौर पर सुनसान और अंधेरे रास्ते की ओर ले जाने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, चालक ने निर्धारित रास्ते से हटकर उन्हें ऐसी जगह पहुंचाया, जहां उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस हुआ। महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर चालक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और पुलिस में अपनी पहचान होने की बात कहकर धमकाया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऑनलाइन कैब कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करने के बाद चालक ने राइड रद्द करने का दबाव बनाया। हालांकि घटना से जुड़े इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।
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जजेज कॉलोनी के गेट पर भी हंगामे का आरोप
शिकायत के अनुसार, घटना के बाद चालक महिला अधिकारी को जजेज कॉलोनी के गेट के बाहर लेकर पहुंचा। वहां कथित तौर पर उसने हंगामा किया और सुरक्षा गार्ड के साथ भी अभद्रता की। कुछ खबरों में गार्ड के साथ मारपीट की कोशिश किए जाने का भी उल्लेख है। महिला अधिकारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी चालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डालनवाला कोतवाली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 127(2), 308(3), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स में आरोपी चालक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी दी गई है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनास्थल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।
देहरादून में महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
ऑनलाइन कैब और राइड बुकिंग सेवाओं ने लोगों के लिए सफर करना आसान बनाया है। खासकर महिलाओं के लिए ये सेवाएं रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें सामने आना चिंता का विषय है। देहरादून के इस मामले में महिला न्यायिक अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैब कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को कितनी सतर्कता बरतनी चाहिए।
यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे राइड की जानकारी अपने परिजनों के साथ साझा करें, यात्रा के दौरान लोकेशन पर नजर रखें और किसी भी तरह की असुरक्षा महसूस होने पर तुरंत पुलिस या संबंधित कंपनी से संपर्क करें। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। आरोपों की वास्तविकता और घटना से जुड़ी पूरी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Disclaimer :- यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और शिकायत में बताए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें उल्लेखित आरोपों को अभी न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। मामले की जांच जारी है और आरोपी को दोषी ठहराने का निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। समाचार का उद्देश्य पाठकों तक घटना से संबंधित जानकारी पहुंचाना है, न कि किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना।




