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उत्तराखंड के 15 हजार शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी राहत !

By A S
August 12, 2026 1:04 PM
Uttarakhand Teachers Special TET Relief :- उत्तराखंड के 15 हजार शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी राहत !
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Uttarakhand Teachers Special TET Relief :- उत्तराखंड के हजारों शिक्षकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। लंबे समय से TET को लेकर असमंजस और चिंता में जी रहे शिक्षकों को अब राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है। राज्य सरकार ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) कराने की संभावना पर विचार कर रही है, जिनकी नियुक्ति उस समय हुई थी जब TET अनिवार्य नहीं था। यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक फैसला लेती है, तो करीब 15 हजार शिक्षकों की वर्षों पुरानी चिंता दूर हो सकती है।

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उत्तराखंड सरकार अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर विशेष TET परीक्षा आयोजित करने की संभावना का अध्ययन कर रही है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों और वहां अपनाई गई व्यवस्था का विस्तार से अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने को कहा गया है।

राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी के अनुसार शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव विनोद ढौंढियाल और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अंतिम निर्णय शासनादेश जारी होने के बाद ही लिया जाएगा।

23 अगस्त 2010 के बाद लागू हुई थी TET की अनिवार्यता

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी करते हुए कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET को अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद होने वाली सभी शिक्षक नियुक्तियों में TET पास करना जरूरी हो गया। लेकिन इससे पहले नियुक्त हुए शिक्षकों की भर्ती उस समय लागू नियमों और सेवा शर्तों के अनुसार हुई थी। ऐसे कई शिक्षक आज 53 से 54 वर्ष की आयु तक पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि दशकों तक सेवा देने के बाद अब उन्हें TET परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

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पदोन्नति को लेकर बढ़ी शिक्षकों की चिंता

TET की अनिवार्यता केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर शिक्षकों की पदोन्नति पर भी पड़ सकता है। कई शिक्षकों का मानना है कि यदि उन्हें राहत नहीं मिली तो उनकी प्रमोशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कुछ शिक्षकों के मन में अपनी नौकरी को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि जिन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में अपनी सेवाएं दी हैं, उन्हें इस उम्र में दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उचित नहीं होगा। इसलिए वे या तो TET से छूट देने या फिर उनके लिए अलग से विशेष TET परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।

Uttarakhand Teachers Special TET Relief :- उत्तराखंड के 15 हजार शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी राहत !

उत्तर प्रदेश मॉडल पर हो रहा अध्ययन

उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था। अब उत्तराखंड सरकार भी उसी मॉडल का अध्ययन कर रही है ताकि राज्य के शिक्षकों के लिए व्यवहारिक और न्यायसंगत समाधान निकाला जा सके। यदि उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड में भी विशेष TET परीक्षा आयोजित होती है तो इससे हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है और उनकी पदोन्नति सहित अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समाधान निकल सकता है।

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17 और 18 अगस्त की बैठक पर टिकी हैं उम्मीदें

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी दी है कि इस पूरे मामले पर 17 और 18 अगस्त को शिक्षकों और अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में सभी पक्षों की राय सुनने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सरकार का कहना है कि शिक्षक हित सर्वोपरि है और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह नियमों और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। अब राज्य के हजारों शिक्षक इन बैठकों और उसके बाद शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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यदि सरकार विशेष TET परीक्षा आयोजित करने की मंजूरी देती है, तो इससे उन शिक्षकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा जो वर्षों से सेवा दे रहे हैं और केवल TET की अनिवार्यता के कारण पदोन्नति या अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अड़चन का सामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार का फैसला हजारों शिक्षकों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी, विभागीय बयानों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। विशेष TET परीक्षा आयोजित करने या TET से राहत देने का अंतिम निर्णय उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले शासनादेश और आधिकारिक आदेश के बाद ही प्रभावी होगा। किसी भी अंतिम निर्णय के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना को ही मान्य माना जाए।

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